स्कूलों में अब 15 साल पुराने वाहन नहीं चलेंगे

Dhar News - स्कूल-कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में चलने वाले वाहनों में व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस, कैमरे तथा पैनिक बटन लगाने...

Nov 10, 2019, 07:25 AM IST
स्कूल-कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में चलने वाले वाहनों में व्हीकल ट्रेकिंग डिवाइस, कैमरे तथा पैनिक बटन लगाने होंगे। अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड किट भी अनिवार्य रूप से रखना होंगे। अगर कोई बस संचालक इन नियमों का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ जुर्माने और जेल भेजने की कार्रवाई की जा सकेगी। इन नियमों पर अमल अब जल्द होने वाला है, क्योंकि राज्य सरकार ने एक महीने पहले ही नियम जारी कर दिए थे।

इन पर आपत्तियां और सुझाव मंगाए गए हैं, जल्द ही इनका निराकरण कर नए नियम लागू कर दिए जाएंगे। इसके बाद निजी स्कूल-कॉलेजों के लिए चलने वाले कंडम वाहनों पर अंकुश लग जाएगा। नए नियम विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन, शैक्षणिक वाहनों पर नियंत्रण एवं विनियमन योजना 2019 के नाम से तैयार किए गए हैं। इसके बाद अंतर विभागीय जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इसमें कलेक्टर, आरटीओ, एएसपी ट्रैफिक और जिला शिक्षा अधिकारी को शामिल किया जाएगा। इस समिति की हर छह महीने में एक बैठक होगी और यही समिति स्कूल-कॉलेज में अटैच बसों की चैकिंग अभियान के लिए समय तय करेगी।

इस समिति को बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त करने के अधिकार भी हाेंगे। इतना ही नहीं अब बसों के संचालन में पालक भी सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर पाएंगे। इसके लिए प्रति माह पालक शिक्षक संघ और बस चालक और परिचालक के बीच एक बैठक आयाेजित की जाएगी।

पालक संघ की तरफ से जो भी शिकायतें और सुझाव दिए जाएंगे, उनका प्राचार्य को तत्काल निराकरण करना होगा। संघ को बस व उसके चालक और कंडक्टर के दस्तावेज चेक करने का अधिकार भी होगा। विभाग के मुखिया ने दावा किया है कि इससे अभिभावक काफी राहत महसूस करेंगे। गौरतलब है कि कतिपय बस ऑपरेटर और स्कूल-कॉलेज संचालक दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों से पुरानी बसें लाकर यहां चलाते हैं। ऐसी जर्जर ओर प्रदूषण फैलाने वाली बसों पर प्रतिबंध लग पाएगा।

एक रंग के होंगे स्कूल-कॉलेज के वाहन

नए नियम में अब स्कूल-कॉलेज से संबद्ध सभी वाहनों का रंग पीला होगा। अगर बस के अलावा वैन और ऑटो रिक्शा भी अटैच होंगे तो उन्हें भी पीले रंग में रंगना होगा। इसके आगे-पीछे दोनों तरफ शैक्षणिक वाहन लिखना होगा। साथ ही सभी वाहनों में विद्यार्थियों के बस्ते, टिफिन और पानी की बोतल रखने का इंतजाम करना होगा। ड्राइवर की आयु 21 से कम और 60 साल से ज्यादा नहीं होगी।

21

से 60 साल ड्राइवर की आयु सीमा निर्धारित

नीली शर्ट, काली पैंट में नजर आएंगे ड्राइवर

परिवहन विभाग ने बस ड्राइवर और कंडक्टर के लिए ड्रेस निर्धारित कर दी है। ड्राइवर-कंडक्टर को बस चलाते समय नीली शर्ट या कोट, और काली पेंट पहनना होगी। इनकी वर्दी पर नेम प्लेट होना जरूरी है। इन ड्राइवर-कंडक्टर्स को नए नियमों में निर्देशित किया गया है कि वे दस साल से कम आयु वाले बच्चे को अभिभावक के पास ही छोड़ें और अभिभावकर नहीं मिलने पर बच्चे को स्कूल वापिस लेकर जाएं। इतना ही नहीं इनकी निगरानी करने के लिए प्रत्येक स्कूल, कॉलेज को एक ट्रांसपोर्ट मैनेजर नियुक्त करना होगा, जिसके पास इनकी समस्त जानकारी होनी चाहिए। बस में यात्रा करने वाले बच्चे की समस्त जानकारी ड्राइवर, कंडक्टर के पास मौजूद रहेगी। इसमें विद्यार्थी, उसका ब्लड ग्रुप और उसके अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर व पता आदि शामिल है।

नियम जारी कर दिए, जल्द असर दिखाई देगा...


सांकेतिक चित्र

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