बुरे दौर से एक खिलौने के दम पर बाहर आई ‘निन्टेंडो’
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‘निन्टेंडो’ एक जापानी मल्टीनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर है। बिक्री के लिहाज से इसकी गिनती दुनिया की दो सबसे बड़ी वीडियो गेम कंपनियों में भी होती है। इसे 23 सितंबर 1889 को फुसाजिरो यामाउची ने शुरू किया था। शुरुआत में यह कार्ड बिजनेस की छोटी खिलाड़ी थी। कार्ड के साथ प्रयोग किए गए और प्लास्टिक कार्ड्स ने कंपनी की काया पलट दी। ये हिट थे और इनकी बदौलत कंपनी ने कई साल तक इस बाजार पर राज किया। 1959 में कंपनी ने डिज्नी के साथ मिलकर प्लेइंग कार्ड्स बनाए जिन पर डिज्नी कैरेक्टर्स होते थे। योजना थी कि कार्ड खेलने वालों की इमेज को सुधारा जाए, जिससे यह घर-घर तक पहुंचें। योजना सफल रही और कंपनी ने एक साल में ही करीब 6,20,000 कार्ड पैक्स बेचे। 1962 में कंपनी, ओसाका स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई। यहां से कंपनी को नई ऊंचाइयां छूना थी लेकिन एक के बाद एक मुसीबतों में घिरती चली गई। 1962 से 1970 का दौर कंपनी के लिए बेहद बुरा रहा और इसमें कई असफलताएं मिलीं जिससे यह बिजनेस से लगभग बाहर हो गई थी। सारी गड़बड़ स्टॉक लिस्टिंग से आए धन के साथ प्रयोग करने में हुई थी। इस अतिरिक्त पूंजी से टैक्सी कंपनी, होटल चेन और वैक्यूम क्लीनिंग बिजनेस शुरू किए गए जो सब असफल हुए। सिर्फ खिलौने बनाने के धंधे ने कंपनी में इतनी ऊर्जा बनाए रखी जिससे यह सांस ले सके। 1970 में केवल खिलौने बनाने पर ध्यान लगाया गया और इनका ‘अल्ट्रा हैंड’ खिलौना जबरदस्त हिट हो गया। इसकी लाखों यूनिट बिकीं। इस खिलौने ने खोई इज्जत कंपनी को लौटा दी। अगला प्रयोग वीडियो गेम्स के साथ किया गया। कई साल इन्हें बनाने में लगे। 1980 के दशक में इन्होंने ‘मारियो’, ‘रडार स्कैप’, ‘डॉन्की कॉन्ग’ जैसे हिट गेम्स दिए। 1985 में कंपनी का नाम ‘निन्टेंडो एंटरटेनमेंट सिस्टम’ कर दिया गया। कंपनी की ताजा बड़ी सफलता ‘स्विच’ है। इसकी करीब 170 लाख यूनिट एक वित्तिय वर्ष में बिकी हैं।
यह भी जानें
{बीते तीन दशक में कंपनी ने अपार सफलता देखी, इसमें इनके हैंडहेल्ड गेम कंसोल ‘द गेम बॉय’ का खासा योगदान रहा। गिनीज वर्ल्ड ऑफ रिकॉर्ड्स के मुताबिक टॉप टेन बेस्ट सेलिंग गेम कंसोल में निन्टेंडो के नाम चार स्पॉट हैं। निन्टेंडो डीएस सबसे ज्यादा पसंद किया गया कंसोल है।