जलूद में 100 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाकर सालाना बचाएंगे 12 करोड़ रु.

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:20 AM IST

Dhar News - जलूद से शहर तक पानी लाने पर होने वाले बिजली के खर्च को कम करने के लिए इंदौर नगर निगम ने सिस्टम को सौर ऊर्जा से चलाने...

Dhar News - mp news by saving 100 mw solar plant in jalgaon will save rs 12 crore annually
जलूद से शहर तक पानी लाने पर होने वाले बिजली के खर्च को कम करने के लिए इंदौर नगर निगम ने सिस्टम को सौर ऊर्जा से चलाने का प्लान बनाया है। इसके लिए जलूद पर 400 करोड़ रुपए खर्च कर 100 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। यह राशि ग्रीन मसाला बॉण्ड के अंतर्गत लंदन स्टॉक एक्सचेंज से प्राप्त की जाएगी। एक्सचेंज में अभी 29 मसाला बॉण्ड लिस्टेड हैं। निगम देश का पहला यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) होगा, जो मसाला बॉण्ड के अंतर्गत विदेशी निवेशकों से फंड हासिल करेगा। इस कदम से निगम को इंटरनेशनल रेटिंग का लाभ होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और ‌भविष्य में निवेश के रास्ते खुल सकेंगे। जून में काम शुरू करने की तैयारी है। सालभर में प्रोजेक्ट पूरा होगा।

निगम : फिलहाल हर महीने करता है 17 करोड़ का खर्च

निगम को हर महीने पानी अपलिफ्ट करने और डिस्ट्रिब्यूशन (जलूद से लाने) पर लगभग 17 करोड़ रुपए खर्च करना पड़ रहे हैं। निगम पर सालाना 200 करोड़ से अधिक का बिजली बिल का भार है। सोलर प्लांट लगने से खर्च घटकर आधा रह जाएगा और निगम को निवेशकों का पैसा चुकाने के बाद भी लगभग एक करोड़ रुपए महीना और हर साल 12 करोड़ की बचत होगी। सोलर संयंत्र स्थापना से ग्रीन एनर्जी का उत्पादन होगा। 1 मेगावॉट से 2000 कार्बन क्रेडिट मिलते हैं। 100 मेगावॉट संयंत्र पर 2 लाख कार्बन क्रेडिट मिलेंगे। एक कार्बन क्रेडिट की कीमत एक डॉलर है। इस हिसाब से निगम 2 लाख कार्बन क्रेडिट बाजार में बेच सकेगा।


एेसे सोलर पैनल लगेंगे

फायदा : पर्यावरण में कार्बन घटेगा, लोगों की सेहत भी सुधरेगी

कार्बन क्रेडिट : किसी देश द्वारा अपने पर्यावरण परिवेश में हानिकारक गैसों की उत्सर्जन क्षमता को कम करने पर विश्व सम्मेलन द्वारा कार्बन क्रेडिट दिए जाते हैं। कार्बन क्रेडिट को एक प्रकार से वन द्वारा संजोेए कार्बन की बिक्री से प्राप्त कीमत कहा जा सकता है। क्योटो संधि में इसकी व्यवस्था की गई है।

यह है मसाला बॉण्ड स्कीम : भारतीय रुपए में बॉण्ड जारी हो सकेगा

भारत सरकार ने विदेशी फंड हासिल करने के लिए मसाला बॉण्ड स्कीम लागू की है। इसके अंतर्गत इंटरनेशनल मार्केट में डॉलर की बजाय भारतीय रुपए में बॉण्ड जारी किया जा सकता है। इससे भारतीय कंपनियों को डॉलर के मूल्य में उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान से निजात मिली है। रुपए में बॉण्ड खरीदने से जोखिम विदेशी निवेशकों पर हो गया है।

पर्यावरण : सोलर ऊर्जा की वजह से परंपरागत बिजली का प्रयोग बंद होगा। इससे कार्बन की मात्रा घटेगी और पर्यावरण को लाभ होगा। कार्बन फुटप्रिंट घटने से निगम को कार्बन क्रेडिट का लाभ मिलेगा। प्लांट से हर महीने लगभग पौने 2 करोड़ यूनिट (ग्रीन एनर्जी) का उत्पादन होगा।

जनता : निगम के लिए बिजली की राशि एक बड़ा खर्च है। इसका असर अप्रत्यक्ष रूप से जनता को भी उठाना पड़ता है। बिजली खर्च घटने से उन्हें भी लाभ होगा। कार्बन की मात्रा घटने का असर भी सेहत के लिए फायदेमंद होगा।

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