धर्म यात्रा रंग यात्रा में बदली, श्रद्धालुअाें ने खेली हाेली
अंबिका आश्रम बालीपुर धाम में होलिका पूर्णिमा पर ब्रह्मलीन संत गजाननजी का 100वां जन्मोत्सव गुरु भक्तों ने साेमवार काे मनाया। पूरे वर्ष भर चल रहे जन्म शताब्दी वर्ष के आयोजनों की भी पूर्णाहुति हुई। आश्रम के बाहर हजारों की संख्या में गुरु भक्त पहुंचे थे। शताब्दी वर्ष समारोह की पूर्णाहुति पर धर्म यात्रा का आयोजन किया गया था। आश्रम से निकलते ही धर्म यात्रा रंग यात्रा में बदल गई। महिला, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग सभी रंग, गुलाल से होली खेलते चले। महिलाएं एक जैसे परिधान में डीजे की धुन पर गरबा नृत्य करते चली।
रथ में संत विराजमान थे। आश्रम से गुरु भक्त संत योगेशजी महाराज को पुष्प वर्षा करते हुए रथ पर लेकर आए। जैसे ही वे रथ पर सवार हुए चारों ओर से जय-जय गुरुदेव के उद्घोष होने लगे। यह पहला अवसर था जब हजारों की तादाद में गुरु भक्त बाबाजी का जन्मोत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए थे। जमकर रंग, गुलाल की होली खेल रहे थे। धुलेंडी से 1 दिन पहले ही बालीपुर धाम रंगों से पट गया था।
जहां देखो वहां गुलाल और फूल की मस्ती छाई हुई थी। घोड़े, ऊंट काठी नाच के साथ ही ढोल पर हजारों युवा थिरकते नजर आ रहे थे। देसी ढोल पर निमाड़ी नृत्य देखते ही बनता था। गजानंदजी महाराज की पालकी को गुरु भक्त कंधे पर लेकर चल रहे थे। दूर-दूर तक गुलाल से रंगे हुए चेहरे दिखाई दे रहे थे। योगेशजी व सुधाकरजी सभी गुरु भक्तों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। यात्रा के साथ ही आश्रम में भंडारा चल रहा था। बड़ी संख्या में गुरु भक्ताें ने प्रसादी ग्रहण की।
मनावर. संत की जन्म शताब्दी महाेत्सव के समापन पर निकला जुलूस।