हुस्ने युसूफ पर कटे उंगलियां, जनाने मिस्र सर कटाते हैं तेरे नाम पर मर्दाने अरब

Dhar News - हुस्ने यूसुफ पर कटे उंगलियां जनाने मिस्र सर कटाते हैं तेरे नाम पर मर्दाने अरब। अपने प्यारे नबी से सच्ची मोहब्बत...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:21 AM IST
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हुस्ने यूसुफ पर कटे उंगलियां जनाने मिस्र सर कटाते हैं तेरे नाम पर मर्दाने अरब। अपने प्यारे नबी से सच्ची मोहब्बत करें, उनके बताए मार्ग पर चलें। यह शेर रमजान के पवित्र माह के दूसरे जुमे पर शहर काजी वकार सादिक साहब ने अपने खिताब में जामा मसजिद में कहा।

उन्होंने इसका मतलब समझाते हुए कहा कि हजरत युसूफ अलैहिस्स्लाम का हुस्ने मुबारक ऐसा था कि हर कोई उन्हें देखते ही रह जाता था। कुरान के अंदर जिक्र है कि युसूफ अलैहिस्स्लाम के ऊपर अमिर-ए-मिस्र की बीवी फिदा हो गई। लेकिन अल्लाह के नबी हर एब से पाक रहते हैं। मिस्र की बीवी को ताना देने लगी कि तू एक गुलाम की आशिक हो गई है तो उसने कहा कि ये आशिकी वाली बात नहीं है। मैं उनको तुम्हारे सामने बुलाती हूं। जितनी भी औरतें थी सभी के हाथों में एक-एक फल और छूरी दी गई। जैसे ही वो सामने आए तो तुम इस फल को काटने लग जाना। उन्होंने यूसुफ अलैहिस्स्लाम को बुलाया। वो पर्दा करके आए जैसे उन्होंने अपने चेहरे से पर्दा हटाया तो जितनी औरतें फल काट रही थी। उन्होंने उनका हुस्न देखकर अपनी उंगलियां काट ली, लेकिन उन्हें होश भी नहीं रहा कि उंगलिया कट गई।

हसद से इंसान किसी भी हद तक गिर सकता है

उन्होंने कहा हर बुराई की शुरुआत हसद (जलन) से होती है। हसद हर फसाद (झगड़े) की जड़ होती है। हसद एक ऐसी चीज है जिसके कारण इंसान किसी भी हद तक गिर सकता है। रमजान का मकसद अपने अंदर फकवा (अच्छा व्यवहार) इफ्तियार करना है। अल्लाह की ज्यादा से ज्यादा इबादत करना है। हसद जलन से दूर रहें। हसद ऐसा रोग है जो अपने आप इंसान के अंदर की रुह को जला देता है। वो जिससे हसद करता है उसका कोई नुकसान नहीं कर सकता है। गरीबों की मदद की जाए। अपने प्यारे नबी से सच्ची मोहब्बत करें। उनके बताए मार्ग पर चलें।

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