• Hindi News
  • Mp
  • Dhar
  • Dhar News mp news plants will be recycled by recycling waste water composting waste from plastics selling cardboard

कचरे से खाद, प्लास्टिक से गत्ते बनाकर बेच रहे, गंदे पानी को रिसाइकिल कर सींचेंगे पौधे

Dhar News - नगर पालिका गीले कचरे से जैविक खाद बनाकर किसानों को न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराएगी। नपा ट्रेंचिंग ग्राउंड पर प्लांट...

Jan 16, 2020, 07:21 AM IST
Dhar News - mp news plants will be recycled by recycling waste water composting waste from plastics selling cardboard
नगर पालिका गीले कचरे से जैविक खाद बनाकर किसानों को न्यूनतम दर पर उपलब्ध कराएगी। नपा ट्रेंचिंग ग्राउंड पर प्लांट तैयार करवा रही है। इसका कार्य एक माह पहले शुरू हो गया है।

नपा ने प्लांट के कंस्ट्रक्शन की जिम्मेदारी एनजीओ श्री समर्थ अवधूत नमो राजानंद कल्याण प्रकल्प समिति को सौंपी है। जिसे इस कार्य को एक साल में पूर्ण करना है। प्लांट की कंस्ट्रक्शन कास्ट 30 लाख रुपए बताई जा रही है। प्लांट से छ: स्टेप प्रोसेस से गीले कचरे से एक बार में लगभग 30 टन जैविक खाद बनाई जा सकेगी। इसी प्लांट में वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम भी होगा। जिससे गंदे पानी को साफ किया जाएगा। साफ किए पानी का उपयोग पाैधे सिंचने, शौचालय साफ करने आदि में किया जाएगा। अभी नगर पालिका शहर की टंकियों से सप्लाय होने वाले पानी से ही उक्त कार्य करती है। प्लांट में फीडिंग टैंक, बायो गैस डायजेस्टर, एनोरोबिक डायजेस्टर टैंक, सोलर स्लज ड्राइंग बेड, वॉटर फीडिंग टैंक बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि ट्रेचिंग ग्राउंड पर लगी एमआईएफ सेंटर पर आधुनिक मशीनों से सूखा कचरा निस्तारण किया जा रहा है।

सहकारी संस्थाआंे से किया है अनुबंध : प्रोजेक्ट कार्य में लगे पंकज ठाकुर बताते हैं कि प्लांट में तैयार होने वाला खाद यूरिया के समान होगा। क्योंकि इसमें जानवरों और इंसानों के बाल से बनी एमीनो एसिड भी मिलाई जाएगी। जिससे इसकी उर्वरक क्षमता अधिक होगी। जो फसल को उपजाऊ बनाने में फायदेमंद होगी। किसानों तक खाद पहुंचाने के लिए एनजीओ ने सेवा सहकारी समिति से अनुबंध किया है। एनजीओ खाद सहकारी समिति को उपलब्ध कराएगा। फिर समिति न्यूनतम दर में खाद वितरण सोसायटियों में खाद पहुंचाएगी।

खाद और वाटर फिल्टर की ये हैं 6 स्टेज

1. फीडिंग टैंक :
5-5 हजार लीटर क्षमता के चार फीडिंग टैंक है। इसमें शहरभर से निकलने वाला गीला कचरा डाला जाएगा। इसमें सिवेज, नाली की गाद, मटन मार्केट से निकलने वाला कचरा, सब्जी मंडी, फल मंडी, एग्रीकल्चर वेस्ट सहित घरों से निकलने वाला कचरा इसमें शामिल होगा।

2. बायो गैस डायजेस्टर: फीडिंग टैंक में जमा होने वाले गीले कचरे में पानी मिलाकर इसेे डायजेस्टर तक पहुंचाया जाएगा। यहां खाद तैयार करते समय विभिन्न प्रकार की गैस को निकाला जाएगा। इससे हानिकारक बैक्टिरिया का भी नाश होगा। प्रक्रिया में 40 से 50 घंटे लगेंगे।

3. एनोरोबिक डायजेस्टर: बायो गैस डायजेस्टर में तैयार होने वाली खाद में बचने वाला 20 से 30 प्रतिशत बैक्टिरिया एनोरोबिक डायजेस्टर में खत्म हो जाएगा।

4. सोलर स्लज ड्राइंग बेड: 30 टन प्रति क्षमता के चार पिटों के इस स्लज ड्राइंग बेड में खाद सुखाई जाएगी। खाद में जो पानी बचेगा उसे भी ड्राय किया जाएगा।

5. वाटर फीडिंग टैंक: गीले कचरे के साथ और सिवेज, नाले की गाद के साथ आने वाला गंदा पानी इस फीडिंग टैंक में एकत्र किया जाएगा।

6. वाटर फिल्टर: इसमें सीढ़ी नुमा चार फिल्टर रहेंगे। पहले फिल्टर में गंदा पानी संग्रहित होने के बाद बाकी तीन फिल्टरों में काले पानी को प्राकृतिक पद्धति से साफ किया जाएगा।

गुरुत्वाकर्षण बल से निर्धारित रहेगी खाद बनाने की प्रोसेस : खाद बनाने की पूरी प्रोसेस गुरुत्वाकर्षण बल से निर्धारित रहेगी। इसी के माध्यम से सभी स्टेजों में खाद एवं पानी का संचार होगा। ठाकुर ने बताया 30 लाख रु. का बजट प्लांट के कंस्ट्रक्शन में लगाया जा रहा है। एक महीने पहले निर्माण कार्य शुरू हुआ है। सालभर में काम खत्म कर प्लांट में खाद बनाने और पानी साफ करने का काम किया जाएगा। इस प्रक्रिया में जैविक खेती से जुड़े युवाओं की मदद ली जा रही है।

ये जनता के हित का काम, सहयोग करें


X
Dhar News - mp news plants will be recycled by recycling waste water composting waste from plastics selling cardboard
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना