इटली में डॉक्टरों पर दबाव बुजुर्गों काे मरने छोड़ दो...**
कोरोनावायरस के फैलने के बाद इन दिनों ईरान की राजधानी में भयानक खामोशी है। ईरान में तीन हफ्ते पहले, तेहरान से 150 किमी दूर क़ूम में कोरोना का पहला मामला सामने आया था, जहां दो बुजुर्गों में यह पाया गया था। क़ूम ईरान के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में से एक हैं। यहां से कोरोना तेहरान समेत कई शहरों में फैल गया। पिछले तीन हफ्तों में तेहरान में कोरोनावायरस के सबसे ज्यादा, 4000 मामले सामने आ चुके हैं। स्थिति को देखते हुए ईरान में लोगों के एक शहर से दूसरे शहर जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। सभी यूनिवर्सिटी बंद कर दी गई हैं और लोगों से घर पर ही रहने को कहा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वायरस को रोकने के लिए की जा रही तमाम कोशिशों के बावजूद इस हफ्ते मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले तीन दिनों में ही करीब 213 मौत हो चुकी हैं। इसमें 85 तो शुक्रवार को ही हुईं, जो एक दिन में हुई सबसे ज्यादा मौत हैं। एक तरफ तेहरान और क़ूम समेत सभी बड़े शहरों में भय और अनिश्चितता का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ लोग हिम्मत भी दिखा रहे हैं। तेहरान के डॉक्टर हैदर अमिनी कहते हैं, ‘यह बड़ा स्वास्थ्य संकट है, आपातकाल की स्थिति है लेकिन इसके आगे झुकने का कोई कारण नहीं है।’ इस संघर्ष में डॉक्टर्स और नर्स का सबसे ज्यादा योगदान है।
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चीन के बाद कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित इटली और ईरान से ग्राउंड रिपोर्ट**
नर्स थककर चूर
15-15 घंटों तक लगातार काम कर रहे हैं डॉक्टर। किसे बचाएं और किसे छोड़ दें, इसका चुनाव करना
सबसे मुश्किल।
इटली**
तेहरान के वली अस्र चौराहे पर डॉक्टरों को धन्यवाद देता होर्डिंग लगाया गया है। डॉक्टर नेशनल हीरो बन रहे हैं।
ईरान**
विशेष अनुबंध के तहत
आईसीयू में उन्हीं को जगह जिनके बचने की उम्मीद**
मिलान, पाविया और रोम से टिम पार्क्स, बेप्पी सेवरजिनिनी, जैसन होरोविट्ज
पिछले हफ्ते लॉम्बार्डी के छोटे से शहर बर्गामो के मेयर जॉर्जियो गोरी ने ट्वीट किया, ‘आईसीयू इतने ज्यादा भर चुके हैं कि जिन मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है, उन्हें मरने छोड़ दे रहे हैं।’ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को उन मरीजों को छोड़ने कहा जा रहा है जिनके बचने की उम्मीद कम है।
इटली के सबसे समृद्ध शहरों में से एक मिलान के रेलवे स्टेशनों पर भीड़ है। ज्यादातर लोग दक्षिण इटली जाने के लिए ट्रेन पकड़ने पहुंचे हैं क्योंकि मिलान में यहां के बहुत से लोग रहते हैं। सरकार के तमाम प्रयासों के बीच यह तथ्य बना हुआ है कि उत्तरी इटली में 1.4 करोड़ लोग लॉकडाउन में फंसे हुए हैं। लेकिन हजारों लोग अपने साथ वायरस लेकर वहां से चले भी गए हैं। दक्षिणी क्षेत्रों के कई गवर्नर उत्तर से आने वाले ऐसे लोगों को वहां आने पर पाबंदी लगाने की बात कह रहे हैं। अब तो पूरा इटली ही बंद किया जा चुका है।
एक शहर के मेयर ने शिकायत की है कि डॉक्टरों पर बुजुर्गों का इलाज न करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसी गाइडलाइन्स आ रही हैं, जिनमें कहा गया है, ‘आईसीयू में पहले उन्हें रखो, जिनके बचने की संभावना ज्यादा है या जिनकी उम्र कम है।’ शेष | पेज 4 पर
23 ईरानी नेता संक्रमित, कई डॉक्टरों व नर्सों की भी मौत**