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सागर : बालिका ने आपत्तिजनक स्थिति में देखा ताे, युवक ने बहन-भाई की हत्या कर झरने में फेंकें शव

एक वर्ष पहले
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11 साल की एक बच्ची ने एक युवक गैर महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। बच्ची ने युवक से कहा कि वह यह बात उसकी प|ी काे बताएगी। इस पर अाराेपी अाैर उसके दाेस्त ने मिलकर नाबालिग बालिका अाैर उसके भाई का अपहरण कर गला दबाकर हत्या कर दी। अाराेपी ने दाेनाें के शव बैतूल के चिखलार झरने में फेंक दिए। बच्चे अाराेपी काे पहचनाते थे, अाराेपी बच्चाें की मां काे बर्तन मांजने का कहकर बच्चाें के साथ घर लेकर गया था, जहां से अाॅटाे में बैठाकर ले गया और दोनों की हत्या कर शव झरने में फेंक दिए।

सदर में शुगर मिल के पास रहने वाले नगरपालिका सफाईकर्मी पांडू बेले की 11 साल की बेटी सरस्वती तथा 6 साल का बेटा राजकुमार 9 मार्च को दोपहर 3.30 बजे से लापता थे। मां की निशानदेही पर पुलिस ने रात में आरोपी इंद्रपाल सिंह उर्फ गड्डी पिता हरवंश सिंह सलूजा निवासी बैलबाजार सदर तथा ऑटो चालक श्याम पिता राजाराज उर्फ बारिक सरनेकर निवासी गेंदा चौक सदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने दोनों की हत्या करना कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 10 मार्च को धुलेंडी के दिन बच्चों के शव झरने से निकालकर पीएम करवाया। इसमें दोनों की हत्या होने की पुष्टि हुई। दोनों के सिर में चोट के निशान थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दो दिन की रिमांड पर लिया।

मृत बच्चों की मां प्रमिला ने बताया गड्डी उर्फ इंद्रपाल सिंह 9 मार्च काे दोपहर ढाई बजे उसके घर आया और बोला कि भाभी मेरे यहां के बर्तन मांजने चलो। इस दौरान उसने कहा दोनों बच्चों को भी साथ ले चलो। इस पर वह बच्चों को लेकर अाराेपी के घर बर्तन मांजने चली गई। वह बर्तन मांज रही थी और गड्डी दोनों बच्चों को ऑटो में बैठाकर आइस्क्रीम खिला रहा था। इस दौरान मैं घर में पानी पीने गई अाैर लौटी ताे दोनों बच्चे गायब थे। फिर दोनों बच्चों को आसपास में तलाशा। इसके बाद घर आकर पति सहित अन्य लोगों को यह बात नहीं बताई। रात तक दोनों नहीं लौटे तो थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई।

मृतक के परिजन का अाराेप है पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने में देरी की। एसपी ने लापरवाही बतरने वाले एएसआई भावराव गावंडे तथा हवलदार रफीक कुरैशी काे लाइन अटैच कर दिया है। परिजन का आराेप है कि शिकायत लेकर वे और इलाके के लोग 9 मार्च को रात 8 बजे कोतवाली पहुंचे थे। एएसआई एसआर गावंडे तथा हवलदार रफीक कुरैशी ने गुमशुदगी दर्ज नहीं की और परिजन से अभद्रता की तो परिजन लौट आए। दोबारा रात 11 बजे फिर बच्चों की फोटो सहित अन्य कागज लेकर पहुंचे, तब 12 बजे पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। मां ने गड्‌डी उर्फ इंद्रपाल सिंह पर अपहरण करने का संदेह जताया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों को रात में पकड़ा, तब हत्या का खुलासा हुआ।

मृतक सरस्वती और राजकुमार आरोपी इंद्रपाल व श्याम।
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