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- Dhar News Mp News The Impact Of Kerena Radhakrishna Harmony Journey Not For The First Time In 16 Years
काेराेना का असर... 16 साल में पहली बार नहीं निकली राधाकृष्ण समरसता फाग यात्रा
शहर में इस बार रंगपंचमी पर काेराेना वायरस का असर देखने काे मिला। पहली बार अायाेजकाें ने सुरक्षा काे ध्यान में रखते हुए गेर न निकालने का निर्णय लिया। पंचमी पर 2004 से निरंतर निकाली जाने वाली राधाकृष्ण समरसता फाग यात्रा भी स्थगित कर दी गई।
अायाेजकाें ने सभी समाजजन के पदाधिकारियाें का साफा बांधकर सम्मान किया अाैर रंग-गुलाल लगाकर पर्व मनाया। इधर काेराेना वायरस काे लेकर एक दिन पहले ही प्रशासन ने अायाेजकाें से अपील की थी कि वे गेर में भीड़ लेकर न जाएं, बचाव के लिए पहल करें। शहर में प्रतिवर्ष भाेजशाला के पास माेतीबाग चाैक, धारेश्वर मंदिर, पाे चाैपाटी, गंजीखाना, पंछी ग्रुप गाछावाड़ी, नाैगांव, छाेटा अाश्रम, कुम्हार गड्ढा, ब्रह्माकुंडी सहित अन्य स्थानाें से गेर निकाली जाती है। इस बार गेर नहीं निकलने से शहर में डीजे की धुन अाैर रंगाें की मस्ती का उत्साह सीमित रहा।
सुरक्षा की दृष्टि से नहीं निकाली गेर
भाेजशाला माेतीबाग चाैक से निकलने वाली राधाकृष्ण समरसता फाग यात्रा के अायाेजक गाेपाल शर्मा ने बताया कि काेराेना वायरस के प्रभाव काे देखते सुरक्षा की दृष्टि से फाग यात्रा न निकालने का निर्णय लिया गया। शनिवार सुबह सभी समाजाें के पदाधिकारी व मातृशक्ति पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यहां पहुंच गए थे। मंदिर मंे अारती के बाद एक-दूसरे काे रंग-गुलाल लगाकर पर्व मनाया। समाज के पदाधिकारियाें काे साफा पहनाकर स्वागत किया। 100 से अधिक महिलाएं भी यहां पहुंची। राधा कृष्ण समरसता फाग यात्रा 2004 में प्रारंभ की थी। हमारा उद्देश्य सभी समाज के लाेगाें काे एकता के सूत्र में बांधने का था। पहला अवसर है जब हमने फाग यात्रा नहीं निकाली।
पंछी ग्रुप ने निकाली गेर
वैसे ताे अधिकांश अायाेजकाें ने गेर नहीं निकाली, गाछावाड़ी के पंछी ग्रुप ने गेर निकाली। शहर के प्रमुख मार्गाे से युवा रंगाें की मस्ती में नाचते हुए निकले। छाेटे ग्रुप के युवा भी शामिल हुए। शहर में बच्चाें, युवाअाें व सभी वर्ग के लाेगाें ने हाेली खेली। लालबाग स्थित प्रेस क्लब भवन में सदस्याें ने रंग-गुलाल लगाया। ढोल पर थिरके भी।
माेतीबाग चाैक पर सभी समाजाें के पदाधिकारियाें का साफा बांधकर सम्मान करते हुए अायाेजक।
29.50 रहा तापमान, गत वर्ष 310 से अधिक था
रंगपंचमी पर वातावरण में ठंडक बनी रही। साधारणतया हाेली के बाद गर्मी का एहसास हाेने लगता है। इस बार हवा में ठंडक बनी हुई है। माैसम व कृषि वैज्ञानिक डाॅ. केएस किराड़ के अनुसार उत्तर में हुई बर्फबारी के कारण हमारे यहां पर ठंडक महसूस की जा रही है। हालांकि कुछ दिन के बाद तापमान में बढ़ोतरी हाेने लगेगी।
शनिवार को दिन का तापमान 29.5 डिग्री रहा, जबकि 14 मार्च 19 काे दिन का तापमान 31 डिग्री से अधिक था। शनिवार काे न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि शुक्रवार
काे अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री था। इसमें 0.6 डिग्री की अांशिक बढ़ाेतरी हुई। जबकि रात के तापमान में 1.2 डिग्री की गिरावट रही।