सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ने के लिए 10 मार्च क्यों चुना?
खुदे ने दिया जवाब...
‘मेरे जीवन में दो दिन ऐसे आए, जिन्होंने जीवन बदल दिया। पहला-30 सितंबर 2001, जिस दिन पिता को खोया (तभी ज्योतिरादित्य कांग्रेस में उभरे)। दूसरा- 10 मार्च 2020। उस दिन पिता की 75वीं वर्षगांठ थी।’ (इसी दिन सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ी।)
कांग्रेस में नई सोच को मान्यता नहीं
{ कहा- कांग्रेस पार्टी वास्तविकता को नहीं समझ पा रही है। {नई सोच और विचारधारा को भी पार्टी में मान्यता नहीं मिल रही है। { मैंने एमपी के लिए सपने पिरोए थे, जो 18 माह में ही बिखर गए गए। इसलिए मैंने पार्टी छोड़ी है।’
कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ट्वीटर पर मोर्चा खोल दिया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें भाजपा में शामिल होने की बधाई तो दी साथ ही गोडसे का ग्वालियर कनेक्शन भी निकाल दिया। उन्होंने सिंधिया पर तंज कसते हुए ट्वीट किया कि जिस रिवाल्वर से गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की, वह ग्वालियर के एक व्यक्ति ने उन्हें दी थी। वह कौन था, इसके बारे में कुछ और शोध करने की आवश्यकता है। उन्हाेंने एक अन्य ट्वीट का समर्थन भी किया। जिसमें कहा गया चार बार सांसद, दो बार केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस महासचिव पद और कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य। इनके 6 लोग मप्र सरकार में मंत्री। इतने सब के बाद भी अगर जनता की सेवा में तकलीफ हो रही है तो भाजपा में जाकर कौन सी सेवा करेगें।
दिग्विजय सिंह ने गाेडसे का ग्वालियर कनेक्शन निकाला
सत्ता बचाने-पाने की मोर्चाबंदी
22 बागी बेंगलुरू, 105 मानेसर, 80 जयपुर के रिसॉर्ट में ‘कैद’ किए गए
भा जपा के पास कुल 107 विधायक हैं। इनमें से 105 विधायक मंगलवार रात भोपाल के पार्टी मुख्यालय से बसों में बैठाकर एयरपोर्ट भेजे गए। उन्हें हरियाणा के मानेसर में आईटीसी ग्रैंड होटल में रखा गया है। इसी तरह कांग्रेस के 80 विधायक जयपुर के रिसॉर्ट में भेज दिए गए हैं। वे वहां अशोक गहलोत की निगरानी में हैं। हालांकि, कांग्रेस ने भरोसेमंद 14 विधायकों को भोपाल में ही रोका है। उधर, बेंगलुरू में पाम मेडोज रिसॉर्ट के साथ तीन अलग-अलग जगहों पर सिंधिया समर्थक विधायकों को ठहराया गया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाय राघवेंद्र इन विधायकों की निगरानी कर रहे हैं। -पढ़े पेज 9
अंदर पढ़े...**
राहुल बोले...
सिंधिया कांग्रेस के एकमात्र ऐसे व्यक्ति रहे हैं, जो कभी भी मेरे घर आ सकते थे।
यह बयान उस खबर के खंडन के रूप में आया, जिसमें कहा गया कि सिंधिया को सोनिया-राहुल में मिलने का समय नहीं दिया।