• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Ganjbasoda
  • दलहन फसल के फूल काले पड़े, तुषार से चना, धना को नुकसान, सर्वे की मांग
--Advertisement--

दलहन फसल के फूल काले पड़े, तुषार से चना, धना को नुकसान, सर्वे की मांग

Ganjbasoda News - भास्कर संवाददाता | गंजबासौदा उत्तरी राज्यों में हो रही बर्फवारी के कारण दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से चना,...

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2017, 04:25 AM IST
दलहन फसल के फूल काले पड़े, तुषार से चना, धना को नुकसान, सर्वे की मांग
भास्कर संवाददाता | गंजबासौदा

उत्तरी राज्यों में हो रही बर्फवारी के कारण दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड से चना, मसूर, तेवड़ा की फसलों पर असर दिखाई दे रहा हैं। जिन फसलों में फूल खिलते दिखाई दे रहे थे वह अब मुरझा कर काले पड़ रहे हैं। सुबह खड़ी फसलों पर सफेद बर्फ की चादर बिछी देखकर किसानों के चेहरों की रंगत बिगड़ रही हैं। अब तक रबी फसल से जो उनको आशा दिखाई दे रही थी वह आशा अब निराशा में बदल रही है। शुक्रवार सुबह छह बजे जहां पारा 6 डिग्री पर था। वहीं पूरे नगर में सन्नाटा पसरा था। शीत लहर के कारण बिस्तर छोड़ने तक की हिम्मत लोग नहीं जुटा पाए।

चना, मसूर और तेवड़ा के फूल ऐसे लग रहे हैं जैसे जला दिया हो

तुषार के कारण खेतों में फूल रही तेवड़ा, चना, मसूर की फसलों के आधे फूल साफ हो गए हैं। गांव छुल्हैटा के राजेश यादव, ठर्रका के सुंदरलाल तिवारी, इमलिया टिकोद के दयासिंह और राजू गुर्जर ने बताया कि इस क्षेत्र में तुषार का सबसे ज्यादा नुकसान है। यह क्षेत्र बेतवा और केवटन नदी से घिरा होने के साथ ही नीचा है। इस कारण तुषार का असर हमेशा यहीं रहता है। दो दिनों में फसलों का 50 से 60 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। दो दिन बाद जब सूखे फूल झड़ने लगेंगे।

तुषार की खबर से बेखबर है कृषि विभाग

कृषि विभाग यह तो मान रहा है कि दो दिनों से ठंड काफी बढ़ी है। सुबह पौधों पर सफेद बर्फ जैसी चादर दिखाई दे रही है। लेकिन तुषार के प्रश्न पर खामोश है। उसका कहना है कि सर्वे के बाद ही इस संबंध में पता चल सकता है। दो दिन बाद जैसे ही फलों को धूप मिलेगी। पता चलना शुरू हो जाएगा। तुषार था या नहीं। इधर हालात यह है कि घरों में रखे पानी में सुबह हाथ डालते ही सुन्न होता जान पड़ता है। प्रगतिशील किसान दीपक जालोरी ने बताया अभी तक जैसा फसलों से पैदावार का अनुमान लगाया जा रहा था वैसी स्थिति अब नहीं रहेगी। इसका खामियाजा अब किसानों को उठाना पड़ेगा। कुछ को ज्यादा तो कुछ को कम।

मैदान में फसल और पौधों की पत्तियां काली पड़ीं

मैदानी इलाकों में भी तुषार के कारण खड़े पौधों की पत्तियां काली पड़ गई हैं। चरण सिंह कुशवाह ने बताया था दो दिन पहले तक जानवर जिन पत्तियों को खाकर पेट भर रहे थे अब उन्हीं को नहीं खा रहे हैं। तुषार का प्रभाव आंकने में भले ही हम चूक जाएं जानवर कभी नहीं चूकते हैं। तुषार से प्रभावित फसल या घास को नहीं खाते। उससे अपना मुंह हटा लेते हैं।

15 रुपए किलो बिकी मटर

तुषार लगने के बाद सब्जी की अचानक आवक बढ़ गई। बाजार में टमाटर दो रुपए किलो तक बिक रहा है। मटर दो दिन पहले 15 से 20 रुपए किलो बिक रही थी। अब 10 रुपए किलो की आवाज लगाकर बेच रहे हैं।बैगन, गोभी के भाव जमीन पर आ गए हैं। तुषार लगने के बाद फली खराब हो चुकी है। उसे किसान तोड़कर ला रहे हैं। इससे मटर की आवक बढ़ गई है।

अधिकारी बोले- जांच के बाद पता चलेगा फसल नुकसान


विधायक ने किसानों के साथ दिया धरना

शीतलहर और पाले से फसलों और सब्जियों के नुकसान का सर्वे और मुआवजा देने की मांग को लेकर बासौदा विधायक निशंक जैन ने शुक्रवार को किसानों के साथ धरना दिया। किसानों ने एसडीएम तृप्ति श्रीवास्तव का दरवाजा खटखटाया तथा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

तुषार से तेवड़ा की फसल चौपट। सर पर हाथ रखकर खेत में बैठा किसान। दूसरे चित्र में तुषार से चौपट फसलो को लेकर दिया धरना।

X
दलहन फसल के फूल काले पड़े, तुषार से चना, धना को नुकसान, सर्वे की मांग
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..