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सिर्फ कागजों में हो रही मरम्मत

सिर्फ कागजों में हो रही मरम्मत उप स्वास्थ्य केन्द्रों की मरम्मत के लिए हर साल 10 हजार रुपए मिलते हैं लेकिन डेढ़...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:45 AM IST

सिर्फ कागजों में हो रही मरम्मत

उप स्वास्थ्य केन्द्रों की मरम्मत के लिए हर साल 10 हजार रुपए मिलते हैं लेकिन डेढ़ दर्जन से ज्यादा उप स्वास्थ्य केन्द्र ऐसे हैं जिनमें ताले पड़े होने के कारण लंबे समय से उनमें झाड़ू तक नहीं लगी। फिर मरम्मत और पुताई का तो प्रश्न ही नहीं उठता। ग्रामीण इसको लेकर असमंजस में हैं।

नीम हकीमों के भरोसे ग्रामीण

विकासखंड में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे चल रही हैं। ग्रामीणों का उपचार नीम- हकीमों से कराना पड़ रहा है। उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयुष और होम्योपैथिक डॉक्टरों के पद स्थापना भी की गई है लेकिन वह भी उपचार नहीं दे रहे हैं। उपचार के अभाव में कई ग्रामीणों की हालत ऐसी हो जाती है कि उनका उपचार तहसील मुख्यालय पर भी संभव नहीं हो पाता है।

किया जाएगा औचक निरीक्षण

गर्मी में उपचार की व्यवस्था दुरुस्त रहे। इसके लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखा जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों की हेल्थ सेंटरों पर उपस्थिति सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जा रही है। समय- समय पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। सीपी गोहल, एसडीएम गंजबासौदा।

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