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कथा...महापुराण के प्रारंभ में की गई है सत्य की वंदना

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2018, 02:50 AM IST

Ganjbasoda News - गंजबासौदा| राधाकृष्ण पुरम बरेठ रोड पर चल रही नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन जगतगुरु डा. रामकमलदास...

कथा...महापुराण के प्रारंभ में की गई है सत्य की वंदना
गंजबासौदा| राधाकृष्ण पुरम बरेठ रोड पर चल रही नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन जगतगुरु डा. रामकमलदास वेदांती महाराज ने कहा कि महापुराण के प्रारंभ में सत्य की वंदना की गई है। अन्य ग्रंथों में वेद विशेष की वंदना के बाद रचना प्रारंभ हुई है लेकिन महापुराण में केवल सत्य की वंदना करके ईश्वर की सत्ता एवं सत्य रूप परमात्मा को स्वीकार किया है। महाराज श्री ने साधन चर्तुरष्र्टाम की चर्चा करते हुए कहा कि भागवत को परम-हंसों की संहिता कहा जाता है। इसका श्रवण, पठन, मनन जो करता है भगवान श्रीकृष्ण उसके ह्रदय में बंद हो जाते हैं। कथा को गति देते हुए उन्होंने बताया कि नारद जी दासी पुत्र थे लेकिन संत सेवा एवं संत संघ से भगवान के प्रिय बन गए। भगवत कथा सत्संग के लिए प्रेरित करती है। ईश्वर का मार्ग दर्शाती है। यदि हम एकाग्र चित्त से कथा श्रवण करें और भगवान की शरण में समर्पित हों तो निश्चय ही हम संसार के बंधनों से विमुक्त होकर सद्गति प्राप्त कर सकते हैं। कथा श्रवण के दौरान सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया।

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