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खराब संगत जीवन को कलंकित करती है: डॉ. रामकमलदास वेदांती

गंजबासौदा| राजा ध्रुव जैसे चरित्रवान व्यक्ति के पुत्र राजा बैन नास्तिक निकले। जिन्होंने अपने राज्य में धार्मिक...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 02:50 AM IST
गंजबासौदा| राजा ध्रुव जैसे चरित्रवान व्यक्ति के पुत्र राजा बैन नास्तिक निकले। जिन्होंने अपने राज्य में धार्मिक कृत्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इसका कोई कारण था कि बैन को बचपन में दूषित लोगों की संगति मिली थी। हम बच्चों को उच्च कोटि के स्कूलों में पढ़ाने के साथ-साथ यह भी ध्यान रखें कि वे किसी कुसंगति के कुचक्र में न फंस जाएं। राधाकृष्ण पुरम परिसर में आयोजित श्रीमदभागवत कथा एवं ज्ञानयज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन कथा व्यास डॉ. रामकमलदास वेदांती ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भागवत श्रवण करना अध्यात्म का श्रेष्ठ अंग बताया है। जड़, भरत, चरित्र के बारे में समझाते हुए कहा कि यदि इंद्रियों पर संयम है तो घर ही तपस्या स्थल हो सकता है और संयम के अभाव में वन जाने के बाद भी विषय वासनाओं से व्यक्ति मुक्त नहीं हो पाता है।

अजामिल प्रसंग के माध्यम से डॉ. वेदांती ने भगवान नाम की महिमा बताई और कहा कि भगवान का नाम हम चाहे किसी भी भाव से लें वह हमें मुक्ति प्रदान करता है। स्वामी जी ने प्रहलाद चरित्र, वृत्तासुर उपाख्यान बड़े ही रोचक शैली से उपस्थित श्रद्धालुओं को समझाते हुए कठिन परिस्थितियों में भी न घबराने की प्रेरणा दी। आज 14 जुलाई शनिवार को कथा में कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा।