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मंडी की सुरक्षा दीवार में सेंध, होती है चोरी, शिकायत पर लगाईं झाड़ियां

भानपुरा से सुवासरा के बीच शामगढ़ कृषि उपज मंडी सबसे बड़ी है। जहां आस-पास सहित गरोठ और भानपुरा क्षेत्र तक से किसान उपज...

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 02:30 AM IST
भानपुरा से सुवासरा के बीच शामगढ़ कृषि उपज मंडी सबसे बड़ी है। जहां आस-पास सहित गरोठ और भानपुरा क्षेत्र तक से किसान उपज नीलामी के लिए आते हैं। बावजूद मंडी में उपज की सुरक्षा के लिए कोई ठाेस इंतजाम नहीं हैं। हालात यह हैं कि तीन साल से मंडी परिसर की सुरक्षा दीवार 4-5 जगह से टूटी हुई है। इसमें से कुछ स्थानों पर तो दीवार ही गायब हो चुकी है। जहां से रात व कभी-कभी दिन में ही किसानों की उपज चोरी हो जाती है। किसानों की शिकायत पर मंडी प्रशासन ने टूटी दीवारों के पास झाड़ियां रख दीं, इसके बाद भी तीन दिन पहले किसान की उपज चोरी हो गई। यही नहीं अक्सर उपज नीलामी की जगह बदलने को लेकर विवाद की स्थिति बनती है।

कृषि उपज मंडी शामगढ़ में उपज के साथ सब्जी की भी नीलामी होती है। ऐसे में सुबह सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। बड़ी मंडी होने के साथ अच्छे दाम मिलने के कारण किसा मंदसौर मंडी नहीं जाते हुए शामगढ़ मंडी में ही उपज बेचना पसंद करते हैं। हालात यह हैं कि गरोठ में कृषि मंडी होने के बाद भी यहां के किसान शामगढ़ जाते हैं। इस कारण क्षेत्र की बड़ी मंडी कहलाती है, इतना होने के बाद भी सुरक्षा के नाम पर ध्यान नहीं दिया जाता है। किसानों के साथ मंडी समिति के सदस्य भी यह मानते हैं, बावजूद व्यवस्था सुधारने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं हो पाए हैं।

कृषि उपज मंडी शामगढ़ परिसर के बाईं तरफ की टूटी दीवार, शिकायत पर यहां झाड़ियां रख दीं।

4-5 जगह से क्षतिग्रस्त है दीवार, बदमाश व स्मैकची उठाते हैं फायदा

मंडी व्यापारियों और मेलखेड़ा के काश्तकार मनोहरलाल धाकड़, बोरदिया के मांगीलाल धनगर ने बताया करीब तीन साल पहले कुछ लोगों ने मंडी में चोरी के लिए सुरक्षा दीवारों को क्षति पहुंचाना शुरू किया था। सबसे पहले पीछे की दीवार का कुछ हिस्सा तोड़ा और प्रवेश करने लगे। तब मंडी प्रशासन को शिकायत की गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज हालात यह हैं कि 4-5 स्थानों से दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जहां से आए दिन मौका पाकर बदमाश और स्मैकची उपज चुराकर ले जाते हैं। अक्सर माल मंडी में सक्रिय कुछ लोगों की गैंग ही उपज चुराती है, कई बार ताे किसान को पता ही नहीं चलता कि उसके ढेर से उपज चोरी हो गई है। किसान मनोहरलाल व बर्डिया अमरा के रामप्रसाद पाटीदार ने बताया दो दिन पहले वे गेहूं लेकर आए थे, चाय पीने के लिए गए। आकर देखा तो गेहू कम नजर आए, इसकी शिकायत मंडी कर्मचारी को की तो सुनने को तैयार नहीं था। हालात यह हैं कि मंडी की दीवार और बंद पड़े कैमरों काे चालू करने के लिए पहले के किसी सचिव और मंडी समिति ने प्रयास नहीं किए। वर्तमान मंडी सचिव का कहना है कि उन्होेंने काम संभालने के कुछ समय बाद ही प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं लेकिन पिछले सचिवों ने इन कार्यों को योजना में शामिल ही नहीं किया। मंडी इंजीनियर ने भी कार्ययोजना में प्रस्ताव पास करने को लेकर टीप दी थी इसलिए देरी हो रही है। हालांकि जल्द ही नए सिरे से प्रकिया शुरू हाेकर मंडी सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा।

वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया