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कृषि मंडी गेट पर 700 से ज्यादा वाहनों की लगी कतार

माह के दूसरे शनिवार और रविवार के दो दिनी अवकाश के बाद सोमवार को मंदसौर मंडी आवक से गुलजार रही। लहसुन की 26000 बोरी की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 13, 2018, 02:30 AM IST

माह के दूसरे शनिवार और रविवार के दो दिनी अवकाश के बाद सोमवार को मंदसौर मंडी आवक से गुलजार रही। लहसुन की 26000 बोरी की बंपर आवक के बीच दूरदराज से आए किसानों को नीलामी में खास समय लगा। किसी ने 8 तो किसी ने 14 घंटे इंतजार के बाद उपज बेची। अन्य दिनों की तुलना में गेहूं, साेयाबीन और अलसी की आवक अधिक रही। दिनभर में सभी तरह की जिंसों की कुल 41214 बोरी नीलाम हुई।

सोमवार सुबह से ही मंदसौर मंडी के प्रवेश द्वार से लेकर महू-नीमच रोड वाले गेट तक उपज से भरे वाहनों की लंबी कतार रही। दोपहर की तेज धूप के बीच किसान वाहनों के नीचे दरी बिछाकर आराम करते दिखे। मंडी में जिले के अलावा उज्जैन, धार, शाजापुर, नीमच, गरोठ क्षेत्र तक के किसान लहसुन लाए थे। आवक 26000 बोरी रही और भाव 700 से 3160 रुपए क्विंटल तक रहे। गेहूं की आ‌वक 5000 बोरी और भाव 1545 से 2450 रुपए क्विंटल तक रहे। इसी तरह सोयाबीन की आवक 4000 बोरी रही और भाव 3151 से 3683 रुपए क्विंटल तक रहे। अलसी की आवक 1200 बोरी रही और भाव 3500 से 3900 रुपए क्विंटल थे। शाजापुर के ईश्वर चौहान ने बताया 8 घंटे से ट्रैक्टर महू-नीमच रोड पर खड़ा है। अन्य वाहन आगे बढ़ें तो हमारा भी नंबर आए। पिछली बार भी पूरे दिन इंतजार के बाद फसल बिकी थी।

मंडी प्रवेश द्वार से लेकर डेढ़ किमी तक उपज से भरे 700 वाहनों की कतार लगी।

इनकी आवक औसत

मंडी में कई जिंसों की आवक औसत स्तर पर रही। इनमें मक्का, उड़द, चना, मसूर, धनिया, मैथी, सरसों, तारामीरा, इसबगोल, प्याज, कलौंजी, चना डॉलर, मटर, असालिया, तुलसी बीज, मूंग आदि प्रमुख हैं। इनकी आवक 1000 बोरी के भीतर ही रही। मंडी अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर ने बताया आवक अधिक होने से नीलामी में समय लगता है। फिर भी हम प्रयास करते हैं कि किसानों को किसी तरह से असुविधा ना हो। स्टाफ को भी निर्देश दिए थे।

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