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12वीं की परीक्षा : टेबल से मिटे रोल नंबर, देरी से मिला प्रवेश

बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षा देने अाए 50 से परीक्षार्थी कक्ष में रोल नंबर नहीं मिलने पर एक से दूसरे में भटकते रहे।...

Bhaskar News Network| Last Modified - Mar 11, 2018, 02:40 AM IST

12वीं की परीक्षा : टेबल से मिटे रोल नंबर, देरी से मिला प्रवेश
12वीं की परीक्षा : टेबल से मिटे रोल नंबर, देरी से मिला प्रवेश
बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षा देने अाए 50 से परीक्षार्थी कक्ष में रोल नंबर नहीं मिलने पर एक से दूसरे में भटकते रहे। जब यह बात अभिभावकों सहित कुछ लोगों की लगी तो वे स्कूल पहुंचे। केंद्राध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद सभी को प्रवेश मिला। केंद्राध्यक्ष का कहना था कि शुक्रवार को कॉलेज के मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान शायद टेबल से नंबर मिट गए होंगे। इससे यह तो स्पष्ट हो गया कि प्रबंधन ने परीक्षा शुरू होने के पहले परीक्षा कक्ष का निरीक्षण नहीं किया।

नगर के बालक माध्यमिक विद्यालय शामगढ़ में शनिवार को 12वीं के हिंदी व अंग्रेजी माध्यम का हिंदी का पेपर सुबह 9 बजे से था। केंद्र पर नगर सहित अासपास के 6 शासकीय व निजी स्कूलों के 451 बच्चे परीक्षा दे रहे हैं। शनिवार को तीसरा पेपर था और बच्चे सुबह 8.15 बजे से ही आना शुरू हो गए थे। 8.30 बजे से कक्ष में प्रवेश शुरू किया। स्कूल परिसर स्थित 14 कक्षों में से 4 में जब बच्चों ने प्रवेश किया तो कई के रोल नंबर टेबल से गायब थे। परेशान परीक्षार्थी सूरजसिंह चौहान, विनोद राठौर, चिंकी पाटीदार सहित अन्य ने बताया कक्ष के बाहर रोल नंबर लिखे थे और हमारे पास प्रवेश-पत्र भी था, लेकिन टेबल पर रोल नंबर नहीं होने से परीक्षक ने बैठने नहीं दिया। कुछ साथियों के अभिभावक और अन्य लोगों ने केंद्राध्यक्ष टैरेसा मिंज को जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को कक्ष में प्रवेश देने में मदद के लिए ड्यूटीरत शिक्षक और कर्मचारियों को निर्देश दिए। स्कूल स्टाफ के दयाराम शर्मा सहित अन्य ने नंबर चेक कर कक्ष में बिठवाया। इससे परीक्षार्थी पेपर शुरू होने के 10-15 मिनट देरी से बैठ पाए।

स्कूल परिसर में लगता है कॉलेज, इस कारण मिटे रोल नंबर

बैठने की अनुमति नहीं मिली। इससे परीक्षार्थी परेशान होते रहे।

पेपर बंटना शुरू हो गए थे

बगुनिया से 12वीं की ज्योति पहाड़िया ने बताया समय पर आ गई थी, कक्ष में जाकर देखा तो टेबल पर मेरे रोल नंबर नहीं थे और कोई सुनने को भी तैयार नहीं था। घबराकर रोने लगी, क्योंकि पेपर बंटना शुरू हो गए थे और कक्ष नहीं मिल रहा था। यही स्थिति परीक्षार्थी सूरजसिंह चौहान ने बयां की।

बालक माध्यमिक विद्यालय परिसर में ही शासकीय कॉलेज संचालित है। 14 कक्ष में से 4 कक्ष कॉलेज को दे रखे हैं। बोर्ड परीक्षा होने के कारण इन कक्षों में भी परीक्षा हो रही है। शुक्रवार को कॉलेज में स्मार्ट माेबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान इन कक्षों काे खोला था। इसमें से 3 कक्ष में कई टेबल से रोल नंबर मिट गए। केंद्राध्यक्ष भी यही मानती हैं। परीक्षा कक्ष के कमरे किसी अन्य उपयोग के लिए दिए हैं तो विशेषकर जांच करना चाहिए। जिम्मेदारों ने शनिवार को पेपर शुरू होने के पहले कक्ष का निरीक्षण नहीं किया और परीक्षार्थियों को परेशान होना पड़ा।

जानकारी मिलते ही व्यवस्था की

परीक्षार्थियों को कक्ष में रोल नंबर नहीं मिलने की जानकारी मिलते ही स्टाफ को भेजकर व्यवस्था करवाई। परीक्षा के बाद सामान्यत: कक्ष बंद रहते है, लेकिन शुक्रवार को कॉलेज का स्मार्ट मोबाइल वितरण कार्यक्रम था। उसी के लिए 2-3 कक्षों को खोला था। शायद उसी दौरान कुछ टेबल से रोल नंबर मिट गए होगे। टैरेसा मिंज, केंद्राध्यक्ष बालक मावि शामगढ़

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