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एम शिक्षा मित्र ई-अटेंडेंस आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग

एम शिक्षामित्र (ई-अटेंडेंस) के विरोध में संयुक्त मोर्चा (समस्त शिक्षक) शिक्षा विभाग तहसील गरोठ के शिक्षकों ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 29, 2018, 02:40 AM IST

एम शिक्षा मित्र ई-अटेंडेंस आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग
एम शिक्षामित्र (ई-अटेंडेंस) के विरोध में संयुक्त मोर्चा (समस्त शिक्षक) शिक्षा विभाग तहसील गरोठ के शिक्षकों ने एसडीएम आरपी वर्मा को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले शिक्षक पंचायत कार्यालय से नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे।

बुधवार शाम 4.30 बजे एसडीएम वर्मा को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह के नाम ज्ञापन सौंपा। रमेशचंद लोहार ने कहा शिक्षा विभाग द्वारा समस्त कर्मचारियों को नए शैक्षणिक सत्र से शाला में उपस्थिति के लिए एम शिक्षा मित्र के माध्यम से मोबाइल द्वारा ई अटेंडेंस लगाना अनिवार्य किया है। उसी आधार पर वेतन भुगतान किया जाएगा। यह नियम लागू करने में कर्मचारियों को अनेक परेशानियां होंगी। ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा एम शिक्षा मित्र अकेले शिक्षा विभाग के कर्मचारियों पर ही क्यों लागू किया। मप्र के सभी विभागों पर अटेंडेंस एक साथ लागू की जाए। हर अध्यापक, शिक्षक मोबाइल चलाना नहीं जानता है या मोबाइल रखता ही नहीं है, इसके लिए शासन की तरफ से शिक्षकों को एंड्रॉयड मोबाइल क्रय हेतु राशि या मोबाइल रिचार्ज करने हेतु राशि नहीं दी गई है, ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल चार्ज करने के लिए सभी शालाओं में विद्युत व्यवस्था सुचारु रूप से नहीं है, यदि है तो कटौती होती रहती है, इस कारण अधिकांश समय बिजली बंद ही रहती है, ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क ना होने के कारण उपस्थिति लगाने के लिए अधिक देर तक प्रयास करना होगा, जिससे शाला में अध्यापन कार्य प्रभावित होगा, ई-अटेंडेंस से वेतन भुगतान करना शिक्षकों के मानव अधिकार का हनन है। इलेक्ट्रॉनिक मोबाइल कभी भी खराब हो सकता है, अनलिमिटेड बैलेंस के बाद भी कंपनियां कभी भी नेट बाधित कर देती हैं, ऐसी दशा में शिक्षक की उपस्थिति का क्या विकल्प है, अध्यापक शिक्षक को हेड क्वार्टर में आवास एवं महिला शिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था की जाए, शासन अपना तंत्र विकसित कर स्वयं डाटा उपलब्ध करवाएं एवं फिंगर कैप्चर डिवाइस व अन्य उपयोगी उपकरण उपलब्ध करवाएं ना कि निजी ऑपरेटरों से डाटा एवं फिंगर कैप्चर डिवाइस खरीदने को मजबूर किया जाए। यह प्राइवेट ऑपरेटरों एंड्रॉयड मोबाइल कंपनियों को करोड़ों रुपए का अधिक लाभ पहुंचाने का षड्यंत्र हो सकता है।

नारेबाजी कर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

एम शिक्षा मित्र ई-अटेंडेंस एप वापस लेने की मांग करते शिक्षक।

प्रदर्शन में ये थे मौजूद

शिक्षकों ने एप को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। ज्ञापन देते समय तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ तहसील अध्यक्ष कैलाशचंद जागरी, अध्यापक संयुक्त मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद व्यास, एलडी शर्मा, गिरजेश शर्मा, दिलीप कछवा, मांगीलाल बागवान, श्यामकुमार मालवीय, सुरेश मालवीय, महेश जोशी, योगेश पुरोहित, राधेश्याम बोराना, मोतीलाल फरक्या, राजाराम जोशी, जाकिर कुरैशी, अशोक व्यास, उषा पिपलकर, उर्मिला गुजराती सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे।

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