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रेत और बालूरेत के अवैध खनन के लिए नदी व नालों को कर रहे छलनी

क्षेत्र में अवैध रूप से रेत व बालूरेत खनन की जानकारी होने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।...

Dainik Bhaskar

Mar 10, 2018, 02:40 AM IST
रेत और बालूरेत के अवैध खनन के लिए नदी व नालों को कर रहे छलनी
क्षेत्र में अवैध रूप से रेत व बालूरेत खनन की जानकारी होने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हालात यह हैं कि ग्रामीण क्षेत्र की नदियों और बड़े नालों को जगह-जगह से खोदकर रेत व बालू निकाली जा रही है। पहले यह काम दिन में हो रहा था, अब रात या अलसुबह हो रहा है। नदी से जिस प्रकार खुदाई कर गड्ढे किए जा रहे हैं, वे बारिश में हादसों को कारण बन सकते हैं।

नगर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों सहित भानपुरा, शामगढ़, बोलिया व खड़ावदा जैसे मुख्य मार्गों पर खुलेआम रेत व बालूरेत का खनन किया जा रहा है। हालात यह हैं कि अवैध रूप से खनन करने वाले कहीं से भी खुदाई शुरू कर देते हैं अाैर छोटे-बड़े गड्ढे छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं। अवैध खनन करने वालों ने नदी व नालों सहित तालाबों को भी नहीं छोड़ा और मौका देखते ही उत्खन्न करने लगते हैं। हालात यह है कि पांचवें गांव में नदी, नाले, खाल और तालाब से अवैध रूप से रेत व बालूरेत निकाली जा रही है। ग्राम बंजारी, बावड़ीखेड़ा, हिंगोरिया, सेमरोल, पिपलिया जती, बरखेड़ालोया में तो रेत व बालू निकालने वालों की इतनी दादागिरी है कि नदी, खाल, नाला व तालाब को कई स्थानों से खोद डाला है। यह क्रम लंबे समय से जारी है लेकिन पिछले 3-4 महीनों से ज्यादा ही खनन हो रहा है। शिकायत व सूचना होने के भी सरपंच से लेकर पटवारी, तहसीलदार, पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते हैं। कुछ ग्राम ताे ऐसे हैं जहां आए दिन उत्खन्न को लेकर विवाद होते हैं, पुलिस कार्रवाई इसलिए नहीं करती कि उनके पास शिकायत नहीं हाेती। अवैध रूप से खनन करने वाले भी इसलिए पुलिस के पास सीधे जाने से डरते हैं क्योंकि पुलिस उन्हें ही किसी भी आरोप में प्रकरण बना देगी और कुछ नहीं तो धारा 151 में तो बंद कर ही देती है। हिंगाेरिया के रणजीतसिंह ओढ़ ने बताया पुलिस उसके परिवार आैर भाई को कई बार परेशान कर चुकी है। शुक्रवार को भी बिना किसी कारण के छोटे भाई धर्मचंद ओढ़ को पूछताछ के लिए लेकर आ गई। यह सब रेत उत्खन्न करने वालों के इशारों पर होता है ताकि उनका विरोध कोई न कर सके। इसके पहले बावड़ीखेड़ा के किसान हिम्मतसिंह राजपूत ने अवैध रेत खनन करने वालों के खिलाफ शिकायत की थी। आज तक प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की हैं।

अंसल नदी में बालूरेत का उत्खन्न करती पोकलेन।

अब रात या अलसुबह अचानक आकर करते हैं खनन

ग्रामीणों के अनुसार तो अब दोपहर के अलावा रात या अलसुबह रेत व बालू खनन करने वाले आते हैं। कई बार अचानक आते हैं अौर आधा-एक घंटा में खुदाई कर चले जाते हैं। यदि लंबे समय खुदाई करना होती है तो रास्ते में उनके आदमी तैनात रहते हैं और किसी भी अनजान व्यक्ति को खनन वाली तरफ नहीं जाने देते हैं। कई बार तो ग्रामीणों को भी नहीं जाने देते हैं।

नदी, नाले व तालाब क्षेत्र में कार्रवाई करवाऊंगा


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