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नियमितिकरण के लिए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, लगाए नारे

चुनावी साल के चलते अधिकारी-कर्मचारी संगठन मांगों को लेकर मुखर हैं। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मप्र की...

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2018, 02:45 AM IST
नियमितिकरण के लिए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, लगाए नारे
चुनावी साल के चलते अधिकारी-कर्मचारी संगठन मांगों को लेकर मुखर हैं। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मप्र की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। कर्मचारियों ने सोमवार को गांधी चौराहा पर विरोध-प्रदर्शन कर स्वच्छता कार्यक्रम में आए विधायक का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। विधायक ने विधानसभा में समस्या रखने का आश्वासन दिया। इधर, मांगें पूरी नहीं होने पर वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की।

सोमवार को नपा द्वारा आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम में विधायक शामिल हुए। जाते समय कर्मचारियों ने उन्हें घेर लिया। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने नियमितिकरण की मांग करते हुए विधायक को ज्ञापन सौंपा। विधायक ने भी उन्हें आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री एक-एक कर सभी संगठनों की समस्याओं पर विचार कर उचित निर्णय ले रहे हैं। आपकी मांग को भी अभी बजट सत्र के दौरान विधानसभा में रखेंगे। आपकी समस्या से अवगत कराऊंगा, जो उचित होगा निर्णय लिया जाएगा। इस अवसर पर कई कर्मचारी मौजूद थे।

400 कर्मचारी हड़ताल पर

नियमितिकरण की मांग को लेकर सोमवार को जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में पदस्थ 400 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिला अस्पताल में विभिन्न पदों पर पदस्थ 28 कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने पर स्थायी कर्मचारियों ने व्यवस्थाओं को संभाला। इससे असर नहीं पड़ा।

गांधी चौराहा पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया विरोध-प्रदर्शन। इस दौरान नारेबाजी करते हुए नियमितिकरण की मांग की गई।

छठे वेतनमान की वेतन विसंगति को दूर करें

छठे वेतनमान की वेतन विसंगति को दूर करने की मांग को लेकर वाणिज्यिक कर विभाग के तीन संघों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इसमें मप्र सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी संघ, मप्र वाणिज्यिक कर निरीक्षक संघ एवं मप्र कराधान सहायक संघ शामिल है। अधिकारियों ने नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। मप्र कराधान सहायक संघ के रतलाम संभाग के अध्यक्ष रंजीत हरित ने बताया कि संपूर्ण मप्र के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए 2008 से मप्र शासन ने छठा वेतनमान स्वीकृत कर लागू किया। लागू करते समय राज्य सेवा परीक्षा से चयनित कार्यकारी अधिकारियों एवं राजपत्रित अधिकारियों का वेतनमान 2800 एवं 3600 ग्रेड बैंड पर नियत किया था, किंतु शासन द्वारा इसमें कुछ समय बाद संशोधन किया। इसमें शासन द्वारा तहसीलदार, पुलिस निरीक्षक, जिला सहायक आबकारी अधिकारी को वेतनमान ग्रेड पे 4200 पर एवं आबकारी उप निरीक्षक, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, पुलिस उप निरीक्षक को 3600 ग्रेड पे पर वेतनमान नियत किया। इनके समकक्ष वाणिज्यिक कर विभाग के उपरोक्त तीनों संघों के सदस्यों के वेतनमान को संशोधित नहीं किया जाना न्यायोचित नहीं है। तीनों संघों द्वारा विभाग एवं विभागीय मंत्री को बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी उक्त वेतन विसंगति दूर नहीं की गई। इस कारण आज से तीनों संघों के सभी सदस्यों को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ा।

मप्र संविदा मुक्त हो के नारे के साथ संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल जारी

गरोठ | मप्र संविदा मुक्त हो के नारे के साथ संविदा स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल सोमवार से शुरू हुई। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ गरोठ ब्लॉक अध्यक्ष जितेश जोशी ने बताया नियमितिकरण की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन जारी है। 15 साल से तो सरकार नियमितिकरण करने का केवल आश्वासन दे रही है। आज तक कोई हल नहीं निकाला। जब तक सरकार संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित नहीं करती हड़ताल जारी रहेगी। सोमवार को हड़ताली स्वास्थ्यकर्मियों ने बैठक भी रखी। संघ सचिव मनोज शर्मा, संयोजक दीपक फरक्या, समता मालवीय, संगठनमंत्री जसराजसिंह सिसौदिया, विमल मीणा, उपाध्यक्ष संदीप फरक्या, धर्मेंद्र प्रजापति, सहसचिव निर्मल मालवीय, देवी पहाड़े, कोषाध्यक्ष दिनेश प्रजापति, प्रवक्ता अनिल सेन, मीडिया प्रभारी नेहा अग्रवाल, हरीश टेलर, सूचना प्रभारी दिनेश चौहान, प्रीति वर्मा, समन्वयक सपना जंगरिया, रीना गेहलोत, संदीप गेहलोत, पीरूसिंह पंवार सहित संविदा स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।

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