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बदला मौसम, घुली ठंडक कृषि मंडी में मजदूरों ने भी उठाया फायदा, ढेर समटने की राशि बढ़ाई

सुबह से मौसम खराब था और शाम ढलते-ढलते कहीं बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश हुई। गरोठ के बोलिया में करीब 15 मिनट तेज...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 20, 2018, 02:45 AM IST

बदला मौसम, घुली ठंडक कृषि मंडी में मजदूरों ने भी उठाया फायदा, ढेर समटने की राशि बढ़ाई
सुबह से मौसम खराब था और शाम ढलते-ढलते कहीं बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश हुई। गरोठ के बोलिया में करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। मौसम में परिवर्तन ने सोमवार को किसानों की परेशानी बढ़ा दी। इसमें दोनों किस्म के किसान परेशान हुए। एक तो वो जो उपज लेकर मंडी पहुंच गए थे और दूसरे वो जिनकी फसल अभी खेतों में ही खड़ी है। उपज लेकर मंडी पहुंचे प्रत्येक किसान को करीब 300 से 500 रुपए अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। इसमें ढेर समेटन की मजदूरी व तिरपाल का खर्च शामिल है। मंडी सचिव इसे किसान और मजदूर के बीच समझौता बता रहे हैं।

रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में किसान कृषि मंडी में उपज लेकर पहुंचे। यहां सोमवार को भी अवकाश होने से उन्होंने लहसुन व गेहूं की उपज मंडी परिसर में ही फैला दी। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली। इससे किसानों को उपज बचाने के तिरपाल खरीदना पड़ी। इसकी कीमत उन्हें ढेर के अनुसार चुकानी पड़ी। इस दौरान मंडी में तैनात मजदूरों ने भी किसानों की मजबूरी का लाभ उठाया और ढेर समेटने के लिए 150 रुपए तक लिए।

1 हजार से अधिक किसान पहुंचे मंडी

अवकाश के बाद सोमवार को मंडी खुलने की उम्मीद से 1 हजार से अधिक किसान उपज लेकर मंडी पहुंचे। सोमवार को 10 हजार बोरी लहसुन और करीब 5 हजार बोरी गेहूं खुले में ही पड़ा रहा। आलोट से आए किसान पवन पाटीदार ने बताया सुबह ही लहसुन लेकर मंडी पहुंचा 60 बोरी लहसुन लाया था लेकिन मौसम बिगड़ने से 700 रुपए कि तिरपाल लाना पड़ी और लहसुन को समेटने के 150 रुपए देना पड़े।

ईसबगोल को लेकर किसान सबसे ज्यादा चिंतित

नगरी |
मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को परेशान कर दिया। सुबह 8:30 बजे हल्की बूंदाबांदी होने के बाद खेत-खलिहानों में कटाई कर रखी फसलों को बचाने को लेकर खासा परेशान होना पड़ा। कई किसानों ने खेतों में कटी फसलों को तिरपाल से ढंककर बचाने का प्रयास किया। कुछ किसानों ने आनन-फानन में खलिहानों में रखी फसलों को थ्रेशर मशीनों से निकाला।

कहीं बूंदाबांदी तो कहीं 15 मिनट तेज बारिश हुई किसानों ने फसलों को बचाने के लिए की जद्दोजहद

गरोठ सहित अंचल में बूंदाबांदी और कुछ देर चली तेज हवा

गरोठ | सोमवार सुबह से ही नगर सहित अंचल में आसमान में बादल छाए रहे। सुबह करीब 10.30 बजे कुछ देर के लिए धूप निकली। इसके बाद दोपहर 1.25 बजे बाद तीन-चार बार हल्की बूंदा-बांदी हुई। दोपहर व शाम को कुछ देर के लिए तेज हवा के साथ धूलभरी आंधी भी चली। बोलिया में शाम करीब 6.35 बजे अचानक तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक हुई बारिश से सड़कें तरबतर हो गईं। कई जगह पानी भरा गया। अचानक हुई बारिश से ईसबगोल फसल को नुकसान हुआ है। इसी प्रकार के हालात नगर सहित भानपुरा, शामगढ़, सुवासरा और गांधी सागर सहित ग्रामीण क्षेत्राें भी रहे।

खेतों में फसल खराब होने का डर

कनघट्‌टी |
गांव में अधिकतर किसानों की फसलें खेतों में हैं। सभी ने फसल को काटकर वहीं रख है। ऐसे में मौसम में आए बदलाव से फसल खराब होने का डर सताने लगा है। खेतों में जीरा, ईसबगोल, अलसी, लहसुन फसल पड़ी है।

रुपए लेने का कोई नियम नहीं

वैसे तो मंडी में सभी तरह के इंतजाम हैं। अचानक मौसम बदलने से थोड़ी परेशानी आती है। मंडी में उपज समेटने के लिए किसानों से रुपए लिए जाने का कोई नियम नहीं है। मौसम के बदलने पर किसान ही फसल को बचाने का प्रयास कर रहे थे। यदि रुपए लिए गए हैं तो यह किसान और मजदूर के बीच का समझौता है। - ओपी शर्मा, कृषि मंडी सचिव मंदसौर

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Web Title: बदला मौसम, घुली ठंडक कृषि मंडी में मजदूरों ने भी उठाया फायदा, ढेर समटने की राशि बढ़ाई
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