• Hindi News
  • Madhya Pradesh News
  • Garoth
  • जर्जर पोलाडूंगर की गुफाओं का होगा विकास, जल्द बनाएंगे प्लान
--Advertisement--

जर्जर पोलाडूंगर की गुफाओं का होगा विकास, जल्द बनाएंगे प्लान

नगर से करीब 15 किमी दूर बोलिया रोड पर प्राकृतिक क्षेत्र के बीच पोलाडूंगर की पहाड़ी के विकास के लिए एक बार फिर उम्मीद...

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 02:50 AM IST
जर्जर पोलाडूंगर की गुफाओं का होगा विकास, जल्द बनाएंगे प्लान
नगर से करीब 15 किमी दूर बोलिया रोड पर प्राकृतिक क्षेत्र के बीच पोलाडूंगर की पहाड़ी के विकास के लिए एक बार फिर उम्मीद जागी है। पहाड़ी स्थित गुफा में करीब 10 फीट ऊंचा चमत्कारी शिवलिंग है। आस-पास अन्य गुफाएं और शैल चित्र भी हैं। इनके संरक्षण के लिए कदम तो उठे लेकिन कार्य पूर्ण नहीं होने और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं हाे पाया। विधायक चंदरसिंह सिसौदिया इसके लिए विकास के लिए प्रयासरत हैं। पिछले महीने कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने भी मौके का भ्रमण कर योजना बनाकर विकास कार्य करवाने की बात कही है। पहाड़ी तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क है।

पांडव कालीन पोलाडूंगर पहाड़ी और गुफाएं मंदसौर के पर्यटन नक्शे पर होने के बावजूद विकास नहीं हो पाया। यह गुफाएं बोलिया रोड से करीब 4 किमी दूर ग्राम पंचायत खेरखेड़ा में हैं। बोलिया रोड अंदर घुमावदार रास्तों से हाेकर पहाड़ी पर जाया जा सकता है। इतिहास के जानकार व चित्रकार अजय मिश्रा बताते हैं यह गुफाएं पांडव कालीन होकर धर्मराजेश्वर के समकालीन हैं। धर्मराजेश्वर जाने के पहले पांडव यहां एक रात रुके थे। यहां शैलचित्र भी उत्कीर्ण हैं। मुख्य शिव गुफा सहित 10 से ज्यादा गुफाएं निर्मित हैं। जो रख-रखाव के अभाव में जर्जर हो रही हैं। पिछले महीने विधायक चंदरसिंह सिसौदिया और कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया था और विकास की संभावनाओं को तलाशने पर विचार हुआ था। हालांकि अब तक योजना काे लेकर अंतिम रूप नहीं बन पाया है।

जागी उम्मीद

पहाड़ी स्थित गुफा में 10 फीट ऊंचा शिवलिंग, आस-पास अन्य गुफाएं और शैल चित्र भी हैं, अनदेखी से आ रही है समस्या, विधायक व कलेक्टर कर चुके हैं भ्रमण

पोलाडूंगर की पहाड़ी से क्षेत्र का प्राकृतिक नजारा। इनसेट-पहाड़ी स्थित गुफा में विराजित 10 फीट ऊंचा प्राचीन शिवलिंग।

ये आवश्यकता है : पोलाडूंगर की पहाड़ी की सुरक्षा के लिए स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति जरूरी है। सुरक्षा के अभाव में यह खंडहर होती जा रही हैं। पर्यटकोें के बैठने, सहित बिजली, पानी आदि के लिए व्यवस्था आवश्यक हैं। गुफाओं और शैलचित्रों की जानकारी वाले बोर्ड लगाना। पहाड़ी तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क है।

ग्रापं व भक्त करते वर्ष में दो उत्सव

ग्राम पंचायत खेरखेड़ा और भक्तों द्वारा प्रतिवर्ष हरियाली अमावस्या पर मेले का आयोजन किया जाता है। प्राकृतिक क्षेत्र होने के साथ शिवलिंग होने से 50 हजार से ज्यादा भक्त व पर्यटक आते हैं। पिछले कुछ वर्षों से एक दिवसीय शिवरात्रि मेले का भी आयोजन शुरू किया। हालांकि इसमें बहुत कम दर्शनार्थी अाते हैं।

सबसे बड़ा शिवलिंग, विकास के लिए पर्यटन निगम से मिलूंगा

विधायक चंदरसिंह सिसौदिया ने बताया पोलाडूंगर पहाड़ी की गुफाओं में स्थित शिवलिंग करीब 10 फीट ऊंचा है। यह भोपाल के पास स्थित भोजपुर के मंदिर में स्थित शिवलिंग के बाद सबसे बड़ा शिवलिंग है। इसके विकास और प्रदेश के पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए प्रयासरत हूं। इसके लिए पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष तपन भौमिक से जल्द ही मिलूंगा।

X
जर्जर पोलाडूंगर की गुफाओं का होगा विकास, जल्द बनाएंगे प्लान
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..