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भंग होने के 7 माह बाद भी 17 साल पुरानी जिला स्तरीय शांति समिति का नहीं हो पाया पुनर्गठन

मंदसौर | रंगों का त्योहार हाेली नजदीक है। प्रशासन जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक नहीं बुला सका है। कारण समिति का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 27, 2018, 02:55 AM IST

मंदसौर | रंगों का त्योहार हाेली नजदीक है। प्रशासन जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक नहीं बुला सका है। कारण समिति का पुनर्गठन करने का मामला 7 माह से पेंडिंग रहना है। इस पर अब तक निर्णय नहीं हो सका है। कई तीज-त्योहारों, संवेदनशील मुद्दों से लेकर आंदोलन तक में समिति सदस्य किसी भी विवाद का बातचीत से हल निकालते रहे हैं। लोग जल्द गठन की मांग कर रहे हैं ताकि सभी वर्गों के प्रभावशाली, सर्वमान्य प्रतिनिधि तय हों।

जून 2017 में किसान आंदोलन, उससे पहले मंदसौर के महाराणा प्रताप बस स्टैंड के आसपास की जमीन पर गुमटियों का विवाद या फिर अन्य सामाजिक विषय हों। हर वर्ग के नुमाइंदों की मौजूदगी में समय-समय पर ज्वलंत विषयों का हल निकला है। 2000 में गठित जिला स्तरीय समिति करीब साढ़े 17 सालों तक अस्तित्व में रही और जुलाई 2017 में पुनर्गठन की मांग के बीच इसे भंग करना पड़ा था। अब तक निर्णय नहीं हो सका है। पिछले दिनों जिले के मल्हारगढ़, संजीत, पिपलियामंडी, सीतामऊ, गरोठ, शामगढ़, भानपुरा तक में शांति समितियों की बैठक हो चुकी हैं। इसमें हिंदू, मुस्लिम समेत अन्य समाजों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी शामिल होते रहे हैं और ज्वलंत विषयों पर सुझाव के साथ अमल होता है। मंदसौर में 7 माह से बैठक नहीं हो पाई है। लंबे समय तक समिति के सदस्य रहे पंं. अरुण शर्मा कहते हैं नई समिति की सूची अब तक जारी नहीं हो सकी है। खासकर त्योहारों के वक्त सभी पक्षों की मौजूदगी में शांति व्यवस्था पर सुझाव महत्वपूर्ण रहते हैं। सूची में 30 सदस्य थे, जिनमें कुछ नहीं रहे। नया नेतृत्व भी उभरा। ऐसे में पुनर्गठन की मांग उठी थी। एसपी मनोजसिंह ने कहा बैठक के विषय पर प्रशासन से चर्चा करेंगे। मंदसौर एसडीएम एसएल शाक्य ने कहा इस बारे में जल्द ही प्रशासन स्तर पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

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