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बहादुरसिंह की हत्या हुई, पुलिस जांच के नाम पर आरोपियों को बचा रही

सौंधिया समाज के युवक बहादुरसिंह की तीन माह पूर्ण कुंडला बुजुर्ग व मेलखेड़ा के बीच एक्सीडेंट में मौत हुई थी।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 06, 2018, 02:55 AM IST

सौंधिया समाज के युवक बहादुरसिंह की तीन माह पूर्ण कुंडला बुजुर्ग व मेलखेड़ा के बीच एक्सीडेंट में मौत हुई थी। सौंधिया राजपूत समाजजन का कहना है कि यह एक सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है और शामगढ़ पुलिस सबूत होने के बावजूद जांच में लापरवाही बरत रही है। सबूतों को नष्ट करने के साथ जांच में देरी कर रही है। इससे गरीब व्यक्ति के परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है। पुलिस पर उक्त आरोप लगाते हुए राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार अजय पाठक काे ज्ञापन सौंपते हुए 15 दिन में जांच एसपी रेंज के अधिकारी से करवाने की मांग की गई। अन्यथा समाज द्वारा आंदोलन किया जाएगा।

युवक मछली ठेकेदार के सहायक के रूप में तस्करों की गाड़ी पकड़वाने का कार्य करता था, तस्करों की उस पर नजर थी

तहसीलदार अजय पाठक को ज्ञापन साैंपते सौंधिया राजपूत समाज के लोग।

सोमवार शाम 4.30 बजे गरोठ सहित भानपुरा, शामगढ़ के सौंधिया राजपूत समाज के लोग एसडीएम कार्यालय परिसर गरोठ में एकत्र हुए। एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार अजय पाठक को ज्ञापन सौंपा। वाचन करते हुए समाज के प्रदेश सचिव डॉ. नारायणसिंह चौहान ने कहा कि 26 नवंबर 2017 को समाज के कुंडला बुजुर्ग निवासी बहादुरसिंह पिता पर्वतसिंह(28) की कथित दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। घटनास्थल से मिले सबूतों तथा मृतक को शरीर पर आई चोटों से यह प्रतीत हो रहा था कि घटना हत्या है। यह भी पता चला कि घटना वाले दिन आरोपियों तथा मृतक ने शामगढ़ के एक ढाबे पर पार्टी की थी। मृतक मछली के ठेकेदार के सहायक के रूप में मछली तस्करों की गाड़ी पकड़वाने का कार्य करता था। इसके कारण कई तस्करों की निगाहें उस पर थीं क्योंकि उन मछली तस्करों को नुकसान हो रहा था। रतलाम से आए फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी गाड़ी के साथ घटनास्थल का निरीक्षण करके दुर्घटना को हत्या होने की आशंका जताई थी। बावजूद शामगढ़ पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए आरोपियों से मिलीभगत कर के साथ राजनीतिक कारणों से जांच में लापरवाही बरत रही है। मौके से मिले सबूतों सहित अन्य सबूतों को मिटाने में लगी हैं। तीन महीने बाद भी जांच प्रक्रिया में तेजी नहीं आई। एक महीने पहले आरोपियों के 7 मोबाइल नंबरों व 2 आईएमईआई नंबर सर्च करने संबंधित आवेदन दिया था। उस पर भी अब तक काेई कार्रवाई नहीं की गई और जानकारी नहीं दी गई। इन सब बातों से लगता है शामगढ़ पुलिस इस पुरे प्रकरण को दबाकर खत्म करना चाहते हैं। इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए सौंधिया राजपूत समाजजन उक्त प्रकरण की जांच एसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में करवाने की मांग करती हैं। साथ ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने वाले तीन पुलिस कर्मियों को तुरंत बर्खास्त कर निष्पक्ष जांच की जाए। ताकि दोषियों के खिलाफ र्कारवाई कर मृतक के परिवार को न्याय मिल सके।

15 दिन में जांच नहीं सौंपी तो आंदोलन

15 दिन में प्रकरण की जांच एसपी रैंक के अधिकारी को नहीं सौंपी गई तो समाज द्वारा आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा। जिलाध्यक्ष किशनसिंह चौहान (पावटी), युवा संगठन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शंभूसिंह चौहान, पूर्व जनपद अध्यक्ष तूफानसिंह सिसौदिया, भारुसिंह, डॉ. किशोरसिंह परिहार, कालूसिंह, नेपालसिंह, राजबहादुरसिंह, चैनसिंह, बनेसिंह व समाजजन मौजूद थे।

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