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बरामा में चंबल नदी का जलस्तर कम इंटकवेल से 80 फीट दूर पहुंचा पानी

नगर को 30 साल तक भरपूर पानी देने के लिए चंबल नदी किनारे बरामा में इंटकवेल बनाकर 22 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाकर पानी...

Danik Bhaskar | Mar 25, 2018, 02:55 AM IST
नगर को 30 साल तक भरपूर पानी देने के लिए चंबल नदी किनारे बरामा में इंटकवेल बनाकर 22 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाकर पानी लाया जा रहा है। चंबल का जल स्तर गिरने से दो साल में ही पेयजल संकट उत्पन्न हो गया। हालात यह हैं कि इंटकवेल से पानी करीब 80 फीट दूर और 6 फीट नीचे उतर चुका है। ऐसे में नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए नगर परिषद पानी की मोटरें नदी में डालकर इंटकवेल तक पानी पहुुंचा रही है। यह अस्थायी व्यवस्था है। नगर परिषद अभी नहीं चेती तो आगे दिक्कत होगी।

नगर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर परिषद द्वारा मुख्यमंत्री पेजयल आवर्धन योजना के तहत करीब 20 करोड़ रुपए से कार्य हुआ था। परिषद ने बर्रामा में 20 फीट का इंटकवेल बनवाया और 22 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाकर नगर तक पानी लाए। गांधीसागर में भरपूर पानी होने से परिषद को लगा था कि अब कभी परेशानी नहीं आएगी। इस साल बारिश कम होने और भानपुरा नहर शुरू हाेने के साथ उसमें पानी छोड़ने के साथ अन्य कारणों से लगातार गांधीसागर का जल स्तर गिरने लगा। इससे बरामा चंबल पाइंट पर भी पानी दो साल में पहली बार 20 फीट से नीचे उतरने से इंटकवेल में पानी आना फरवरी में ही बंद हो गया। ऐसे में नगर परिषद ने नगर में पर्याप्त पेयजल के लिए पहले एक पानी की मोटर चंबल में उतारी और फिर 60 फीट से ज्यादा लंबा पाइप जोड़कर इंटकवेल तक पानी लाया गया। वर्तमान में दो मोटरों से करीब 100 फीट लंबी पाइप लाइन जोड़कर पानी काे इंटकवेल में डाला जा रहा हैं। पेयजल के इस संकट से निपटने के लिए नगर परिषद को वर्तमान इंटकवेल से करीब नंदी की तरफ जहां तक संभव है, उतनी दूरी पर नया इंटकवेल बनाना होगा तभी समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।

विकराल है पेयजल समस्या, नहीं जागे तो सप्ताह में 2 दिन पानी मिलना भी होगा कठिन

बर्रामा स्थित इंटकवेल से 80 फीट दूरी पर पहुंच गया पानी।

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इसी सप्ताह परिषद की बैठक रखेंगे में प्रस्ताव


यदि इंटकवेल तक नदी में मोटर डाल और पाइप लाइन के जरिए इंटकवेल तक पानी नहीं पहुंचाए, तो पानी की समस्या विकराल हैं। जहां इंटकवेल बना है वहां से पानी नीचे उतरकर करीब 80 फीट दूर जा चूका हैं। यदि नप मोटर से पानी नहीं खिचती है तो नगर में प्रतिदिन तो छोडिए सप्ताह में दो दिन पानी मिलना भी कठिन हैं।

नगर परिषद ने ही रोक रखी है राशि

नगर परिषद के अनुसार तो इंटकवेल जहां बनाना था वहा जल स्तर अधिक होने के कारण वर्तमान स्थल पर इंटकवेल बनाया गया। ऐसे में कंपनी द्वारा जितना काम किया गया, उतना ही भुगतान किया गया है। ऐसे में नया इंटकवेल बनाने के लिए कुछ राशि तो पहले से है और बाकी के लिए इंतजाम करना होगा।

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