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दुनिया में भारत से बड़ा मानवतावादी कोई दूसरा देश नहीं- शर्मा

मानवता धर्म श्रेष्ठ है लेकिन तभी तक जब तक कोई दुष्ट हम पर प्रहार न करे। यदि कोई प्रहार करे तो हिंसा जरूरी है। विश्व...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 25, 2018, 02:55 AM IST

मानवता धर्म श्रेष्ठ है लेकिन तभी तक जब तक कोई दुष्ट हम पर प्रहार न करे। यदि कोई प्रहार करे तो हिंसा जरूरी है। विश्व में भारत ही सबसे बड़ा मानवतावादी देश है। हमने विस्तार हो या अन्य किसी कारण विश्व के किसी देश पर हमला नहीं किया, इससे बड़ी मानवता और क्या हो सकती है। यह बात ओजस्वी वक्ता और राष्ट्रीय युवा कवि अमित शर्मा ने राष्ट्र जाग्रति सभा को संबोधित करते हुए कही।

शहीद दिवस पर शुक्रवार को महाराणा युवा संघ द्वारा शहीद चौक पर शहीदों को श्रद्धांजलि व राष्ट्र जाग्रति सभा की। कार्यक्रम में वक्ताओं के रूप में ओजस्वी वक्ता व राष्ट्रीय कवि अमित शर्मा नोएडा, गव्यसिद्ध आचार्य वीरेंद्र सिंह, वागर्थ पीठाधीश्वर अखिलेश महाराज उज्जैन, हिंदू जनजाग्रति समिति मप्र-राजस्थान के समन्वयक आनंद जाखोटिया, रण रागिनी शाखा जलगांव महाराष्ट्र की प्रवक्ता क्षिप्रा जुवेकर और बाबा चंद्रमोहनजी अज्ञानी नाथ महाराज गरोठ मंचासीन थे।

कार्यक्रम के शुरू में वक्ताओं और आमजन ने शहीद भगतसिंह, राजगुरु व सुखदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभा शुरू हुई।

राष्ट्र जाग्रति सभा

महाराणा युवा संघ द्वारा शहीद दिवस पर किया कार्यक्रम, शहीद भगतसिंह, सुखदेव व राजगुरु को किया याद

आज वीर पैदा नहीं हो रहे क्योंकि हम गाय को पूजते नहीं हैं- आचार्य वीरेंद्रसिंह

महाराणा युवा संघ द्वारा शहीद दिवस में आयोजित राष्ट्र जाग्रति सभा में उपस्थित जनता। इनसेट- संबाेधित करते शर्मा।

गव्यसिद्ध आचार्य वीरेंद्र सिंह ने कहा हम जय श्रीकृष्ण तो जोर से बोलते हैं लेकिन बच्चों को माखन नहीं खिलाते। आज वीर पैदा नहीं हो रहे, क्योंकि हम गाय को पूजते नहीं हैं। आचार्य वीरेंद्र सिंह ने पंचगव्य का महत्व बताते हुए कहा कि सबसे महत्वपूर्ण घटक गोमूत्र होता है। ठसका सेवन करने से कैंसर जैसी बीमारी ठीक हो सकती है। आपको विश्वास नहीं होता है तो इंटरनेट पर जाकर सर्च कर सकते हैं। अमेरिका ने गोमूत्र पर तीन पेटेंट करवा रखे हैं, उसमें एक पेटेंट कैंसर के इलाज के लिए बनने वाली दवा के लिए है। चीन ने भी एक पेटेंट गोमूत्र पर करवा रखा है। चीन ने यह पेटेंट डीएनए सुधारने के लिए करवा रखा है। साइंस की माने तो इंसान के डीएनए में एक बार विकृति आ जाती है तो उसे सुधारा नहीं जा सकता। चीन ने पेटेंट करवाया है तो यह बात तो साबित हो गई कि गोमूत्र के सेवन से डीएनए में भी सुधार होता है। आज से ही गोमूत्र का सेवन करें। इससे बल, बुद्धि के साथ विभिन्न बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है। इससे डीएनए में भी विकृति नहीं आती और सुधारा भी जा सकता है। इसके बाद गाय का दूध और उससे बने दही, छाछ, मक्खन व घी हर प्रकार से श्रेष्ठ हैं। देररात चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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