Hindi News »Madhya Pradesh »Garoth» इंटकवेल तक पानी पहुंचाने चंबल में 10 फीट गहराई में डाली 60 हाॅर्स पावर की मोटर

इंटकवेल तक पानी पहुंचाने चंबल में 10 फीट गहराई में डाली 60 हाॅर्स पावर की मोटर

नगर का मुख्य पेजयल जलस्रोत बर्रामा करीब 22 किमी दूर है। यहां चंबल का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। इंटकवेल में हालात...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 09, 2018, 02:55 AM IST

नगर का मुख्य पेजयल जलस्रोत बर्रामा करीब 22 किमी दूर है। यहां चंबल का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। इंटकवेल में हालात यह हैं कि 20 दिन में पानी करीब 45 फीट दूर चला गया। ऐसे में नगर परिषद ने नगर में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए करीब 60 फीट लंबा पाइप बिछाकर चंबल में 10 फीट की गहराई में 60 हाॅर्स पावर की पानी की मोटर डाली अौर उससे पानी खींच रही है। जिम्मेदारों का कहना है कि पहली बार एसी स्थिति बनी है लेकिन गर्मी में पेयजल सप्लाई प्रभावित नहीं हाेने देंगे।

बारिश कम हाेने से चंबल में पानी कम होने के साथ गांधीसागर से राजस्थान को जनवरी 2018 तक पानी छोड़े जाने सहित भानपुरा नहर से क्षेत्र में खेती के लिए पानी छोड़ा। साथ ही चंबल से पानी चोरी सहित अन्य कारणों से चंबल में पानी की जल स्तर लगातार कम होता गया। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित गरोठ नगर की पेयजल व्यवस्था पर असर पर पड़ रहा है। ग्राम बर्रामा में चंबल किनारे बना 20 फीट गहरा इंटकवेल से पानी करीब 3 फीट नीचे होकर 45 फीट की दूरी पर चला गया है। इससे निपटने के लिए नगर परिषद ने मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत पांच साल तक मेंटेनेंस देखने वाली कंपनी को निर्देश दिए। कंपनी और नगर परिषद ने मिलकर इंटकवेल तक पहुंचने वाली पानी की नहर को करीब 5 फीट तक गहरा कर कुछ दिन तक को पानी को इंटकवेल तक पहुंचाया लेकिन जल स्तर के साथ ही नहर से पानी आना बहुत कम हो गया। ऐसे में स्थायी समाधान के लिए ठेकेदार कंपनी ने इंटकवेल से 60 फीट की दूरी तक 4 इंची मोटा पाइप बिछाया और चंबल में 10 फीट की गहराई में 60 हाॅर्स पावर की मोटर डालकर पानी खींचकर इंटकवेल में डालना शुरू किया।

रोज एक वक्त 20 से 25 मिनट पानी देते हैं, गर्मी में मांग बढ़ेगी

बर्रामा में चंबल के किनारे बना इंटकवेल से 45 फीट दूरी तक पहुंचा पानी।

पहली बार इतना जल स्तर गिरा है

तीन साल में पहली बार बर्रामा में चंबल का जल स्तर इतना गिरा है। पिछले साल तो भरपूर पानी था, 35 फीसदी इंटकवेल भी खाली नहीं हुआ था। चंबल से पानी इंटकवेल तक लाने के लिए मोटर डाली है, अभी 12 से 15 घंटे आवश्कतानुसार पानी खींच रहे हैं, ज्यादा आवश्यकता हुई तो ज्यादा देर चलाएंगे। नगर में पानी की कमी नहीं होगी। बनेसिंह सोलंकी, सीएमओ नगर परिषद गरोठ

नगर में वर्तमान में रोज 20 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती हैं। इसकी 70 फीसदी पूर्ति चंबल किनारे स्थित बर्रामा इंटकवेल से हाेती है। परिषद द्वारा नगर में पेयजल वितरण के लिए दो पानी की टंकी बना रखी है। पुरानी टंकी नप कार्यालय परिसर में है, जिसकी क्षमता 3 लाख 60 हजार लीटर और योजना के तहत बोलिया रोड पर बनी नई टंकी की क्षमता 5 लाख 50 हजार लीटर हैं। दो फिल्टर प्लांट भी बने हैं। जिनसे रोज 20 से 22 लाख लीटर फिल्टर होता हैं। नगर में परिषद ने 3200 नल कनेक्शन दे रखे हैं। नल कनेक्शन से घरों तक रोज एक टाइम 20 से 25 मिनिट पानी सप्लाई होता है। वर्तमान में 20 लाख लीटर पेयजल रोज सप्लाई होता है, जिसकी पूर्ति तो अभी हो रही है, लेकिन गर्मी में अतिरिक्त करीब 2 से 3 लाख लीटर पानी मांग रहेगी। नप का कहना है वह इसकी पूर्ति भी कर लेगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Garoth

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×