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दावे अव्वल आने के, हकीकत में सड़क किनारे कचरा तो नालों में जमा है गंदगी

स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। दिल्ली से आने वाले टीम नगर को स्वच्छता के विभिन्न मापदंडों...

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 03:25 AM IST
स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। दिल्ली से आने वाले टीम नगर को स्वच्छता के विभिन्न मापदंडों पर 12 से 14 फरवरी तक परखेगी। पहले दिन नगर परिषद में दस्तावेज की जांच करेगी, उसके बाद नगर में भ्रमण कर स्वच्छता का पैमाना देखेगी।

नगर परिषद द्वारा फील्ड में किए कार्यों के साथ जनता से मिलने वाले फीडबैक पर नगर परिषद को अंक मिलेंगे। अब तक जो तैयारी है उससे नहीं लगता है कि हम टाॅप-100 में भी जगह बना पाएंगे। इस बार मुकाबला तगड़ा है और हमारी तैयारी नाकाफी। हालात यह हैं कि मुख्य सड़काें के किनारों और नालों से ही गंदगी साफ नहीं है और हम दावा प्रथम आने का कर रहे हैं। सीएमअो बनेसिंह सोलंकी ने बताया टीम 12 फरवरी को आएगी और 14 फरवरी तक रहेगी। इस दौरान अब तक किए कार्यों की फाइलों को चैक करेगी। फिर नगर में सर्वे और जनता से फीडबैक लेगी। नप ने सभी सफाई कामगारों को ड्रेस के साथ सुरक्षा के लिए फ्लेरोसेंट कलर वाले जाकेट दिए हैं ताकि दिन के साथ रात्रि के समय भी चमक से ही कर्मचारी नजर आ जाएं। दस्ताने, लंबे जूते, मास्क आदि दिए हैं। नगर में 3 हजार डस्टबिन का घर और दुकानों पर वितरण। नगर में स्थित 1 सामुदायिक, 7 सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालयों की रंगाई-पुताई आैर पानी की व्यवस्था।

मुख्य मार्ग सिटी फोरलेन कन्या उमावि से लगी सड़क और फुटपाथ पर फैला कचरा और बिखरा वेस्ट बिल्डिंग मटेरियल।

नगर परिषद के दावे-हकीकत

रात्रिकालीन सफाई : नगर परिषद द्वारा नगर के लिए व्यावसायिक जोन नया बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड, सब्जी मंडी क्षेत्र जैसे क्षेत्रों में रोज रात्रिकालीन सफाई करवाई जा रही हैं।

हकीकत : कर्मचारी सफाई करने तो आते हैं लेकिन औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं।

सुविधाघरों की सफाई : नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक, सामुदायिक शौचालय-मूत्रालयों और सुलभ केंद्र की नियमित सफाई।

हकीकत : सुलभ शौचालय केंद्र को छोड़कर सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालय-मूत्रालय की सफाई तो नियमित हो रही है। हालांकि वह भी पूरी ईमानदारी से नहीं हो रही।

घर-घर कचरा संग्रहण : नगर परिषद ने शहर को चार जोन में बांटा है और चार वाहन कचरा एकत्र करते हैं। नपा का दावा है नगर के घर-घर से कचरा एकत्र कर रहे हैं।

हकीकत : नगर की आबादी 30 हजार से ज्यादा होने के साथ क्षेत्रफल भी फैला है। इतने बड़े नगरीय क्षेत्र में घर-घर से कचरा एकत्र करने के लिए कम से कम 8 वाहन की जरूरत है।

सड़कों-नालियों की सफाई : नगर की सफाई व्यवस्था संभालने के लिए पहले 50 सफाई कामगार थे, उसके बाद नई परिषद ने 30 और कर्मचारी रखे। जो नगर की सड़कों व नालियों की सफाई करते हैं।

हकीकत : नगर के क्षेत्रफल व जनसंख्या के मान से कम से कम 100 कर्मचारी होना चाहिए। जो सफाई कामगार हैं उनमें से 25 फीसदी ऐसे हैं जिन्हें नगर परिषद द्वारा अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दे रखी है।

नंबर वन आएंगे : स्वच्छता सर्वे को लेकर तैयार है। नगर में नियमित सफाई के साथ सामुदायिक-सार्वजनिक शौचालय पर्याप्त संख्या में हैं। अन्य कार्य भी बेहतर किए हैं। इस बार हम स्वच्छता सर्वे में नगर परिषद में नंबर वन रहेंगे।

अनोख पाटीदार, अध्यक्ष नगर परिषद गरोठ