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तय फार्मेट में नहीं थी स्टॉक पंजी कई फाइलों में दस्तखत नहीं मिले

जिला अस्पताल में सीएमएचओ व सिविल सर्जन कार्यालय की शाखाओं का कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने शनिवार शाम को...

Danik Bhaskar | Mar 18, 2018, 03:25 AM IST
जिला अस्पताल में सीएमएचओ व सिविल सर्जन कार्यालय की शाखाओं का कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने शनिवार शाम को निरीक्षण किया। सीएमएचओ कार्यालय की शाखाओं के रिकाॅर्ड में लापरवाही मिली। कलेक्टर ने स्टॉक पंजी देखी तो वह तय फार्मेट में नहीं था, इसी तरह आवक-जावक शाखा की फाइलों के कुछ पेपर में दस्तखत तक नहीं थे। कलेक्टर ने संबंधितों को 4 दिन के भीतर काम में सुधार के लिए टीप लिखकर भेजने का कहा।

महीनेभर में इसी विषय पर दोबारा निरीक्षण की बात कही। इस दौरान शाखाओं के कुछ कर्मचारी नदारद थे। सीएमएचओ डॉ. महेश मालवीय, सिविल सर्जन डाॅ. एके मिश्रा ने उनको संविदा कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी दी। सवा घंटे तक कलेक्टर ने निरीक्षण किया। परिवार कल्याण शाखा के एम.एल. कश्यप से निचले स्तर पर सूचना भेजने की प्रक्रिया के बारे में पूछा।

अस्पताल में चिकित्सकों के पदों की कमी के मुद्दे पर कहा कि इस बारे में शासन को लिखा जाएगा। कलेक्टर ने इस दाैरान पिपलियामंडी और अफजलपुर में गेहूं खरीदी, भावांतर योजना, लहसुन पंजीयन आदि के बारे में बताया कि सचिवों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। राजस्व विभाग के सत्यापन व्यवस्था को लेकर भी जानकारी ली। कलेक्टर ने बताया कि जिले के कुछ केंद्रों पर किसान फसल लेकर पहुंच गए थे लेकिन मैसेज ना हाेेने से केंद्रों पर खरीदी नहीं की जा सकी। इसके पीछे पोर्टल की स्पीड कम होने की जानकारी सामने आई है। किसानों के मैसेज ना पहुंचने की डिटेल भोपाल भेजेंगे। सीएम 18 मार्च को सुबह काॅन्फ्रेंस ले रहे हैं। उन तक जानकारी पहुंचाएंगे ताकि निराकरण हो।

कलेक्टर ने चार दिन में सुधार के लिए टीप के दिए िनर्देश

सीएमएचओ शाखा में निरीक्षण के दौरान स्टाफ से सवाल करते कलेक्टर।

रोकस के फंड को विकास के कार्यों में खर्च करेंगे

शनिवार शाम कलेक्टर ने जिला अस्पताल की विभिन्न शाखाओं के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से चर्चा की। कहा- जिला अस्पताल समेत जिले के कुल 10 स्वास्थ्य केंद्रों में रोगियों को प्रदाय की जाने वाली सेवाओं में रोगी कल्याण समिति की मद से ‘क्वालिटी’ लाई जाएगी। रोकस के फंड को विकास के कामों में खर्च किया जाएगा। मंदसौर अस्पताल के पास रोकस का 1 करोड़, गरोठ में 70 लाख रुपए हैं। इसी तरह भानपुरा, सीतामऊ, शामगढ़ जैसे 10 केंद्रों को क्वालिटी सिस्टम से जोड़ा जाएगा। पूरा प्रयास होगा कि 6 माह में इन केंद्रों पर सुधार दिखे। सीएमएचओ ने बताया क्वालिटी सिस्टम के तहत एक बार जिला स्तर पर अस्पतालों का मूल्यांकन होगा, उसके बाद प्रदेश स्तर की टीम निरीक्षण के लिए आएगी। सीएस ने बताया 6 माह में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करने का लक्ष्य है।