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तीन साल में भी तैयार नहीं हो सका साढ़े पांच किमी का बायपास, हो रहा जर्जर

शहर के मुख्य मार्ग से होकर झालावाड़ और कोटा की तरफ छोटे से लेकर हर प्रकार के भारी वाहनों का आवागमन होता है। इससे...

Dainik Bhaskar

Feb 28, 2018, 04:00 AM IST
तीन साल में भी तैयार नहीं हो सका साढ़े पांच किमी का बायपास, हो रहा जर्जर
शहर के मुख्य मार्ग से होकर झालावाड़ और कोटा की तरफ छोटे से लेकर हर प्रकार के भारी वाहनों का आवागमन होता है। इससे दिनभर शहर के बीच भारी यातायात का दबाव रहता है। इसको कम करने के लिए तीन साल पहले बायपास रोड निर्माण की प्रक्रिया शुरू की थी, आज तक रोड अधूरा पड़ा है। हालात यह हैं कि साढ़े पांच किमी लंबे बायपास मार्ग के करीब डेढ़ किमी हिस्से में ताे कुछ भी नहीं हुआ हैं। इससे क्षेत्र के किसान परेशान है और दूसरी तरफ शहर में यातायात का दबाव बना हुआ हैं।

भानपुरा से राजस्थान की तरफ जाने के लिए नीमथुर गेट होकर झालावाड़ रोड है। गरोठ की तरफ सहित अन्य क्षेत्रों से भानपुरा हाेकर झालावाड़, रामगंजमंडी, कोटा की तरफ आवागमन करने वाले छोटे से लेकर यात्री व भारी वाहन नगर के मुख्य मार्ग बस स्टैंड से नीमथुर गेट मार्ग का ही उपयोग करते हैं। इसी मार्ग पर व्यावसायिक जोन होने के साथ आवासीय क्षेत्र भी जुड़ा है। हर समय भारी वाहनों के आवागमन के कारण अक्सर यातायात तो बाधित होता है, दुर्घटनाओं की भी आशंका बनी रहती हैं। इस समस्या के निदान के लिए भानपुरा में प्रवेश के पहले ही गरोठ-भानपुरा रोड पर कन्या छात्रावास के पास से खेताें के बीच से होकर कच्चा रास्ता था। यह लोटखेड़ी होकर चोगालिया नदी मार्ग से झालावाड़ रोड पर मिलता है। हालांकि यह मार्ग कुछ लंबा है लेकिन नगर के मुख्यमार्ग का यातायात कम करने अौर भविष्य को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग के लिए लंबे समय से संभावनाएं तलाशी जा रही थीं। तीन साल पहले बायपास के लिए छात्रावास से वाया लोटखेड़ी होकर चोगलिया नदी मार्ग का सर्वे हुआ और टेंडर प्रक्रिया होकर बायपास मार्ग का निर्माण शुरू हुआ। करीब साढ़े पांच किमी लंबा यह बायपास मार्ग खेतों के बीच पगडंडियोंं के बीच से हाेकर गुजरने के कारण बेहद संकरा था। मार्ग को करीब 60 फीट चौड़ा बनाने के लिए प्रशासन ने करीब 105 किसानों की जमीन मुआवजा देकर अधिगृहीत की। किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला, अधिकारी भी मामला प्रक्रियाधीन होने की बात कह रहे हैं। जमीन की नपती कर 2015-16 में बायपास निर्माण तो शुरू हो गया, लेकिन अब तक अधूरा पड़ा हैं। मार्ग में कई जगह घुमावदार होने के कारण भी लोग प्लानिंग पर सवाल उठा रहे हैं।

ऐसी है भानपुरा से झालावाड़ बायपास की निर्माणाधीन सड़क

भानपुरा से झालावाड़ बायपास की निर्माणाधीन सड़क की यह है हालात।

डामरीकरण और अन्य कार्य अभी बाकी हैं

पीडब्ल्यूडी गरोठ रोड छात्रावास के पास से लोटखेड़ी हाेकर झालावाड़ रोड तक करीब साढ़े पांच किमी लंबी और 60 फीट चौड़ी सड़क निर्माण करा रहा है। इसके डेढ़ किमी हिस्से पर कुछ भी काम नहीं हुआ। यह हिस्सा वर्तमान में भी कच्चा है। इस हिस्से के दोनों तरफ जो कार्य हुआ है, वहां भी अर्थवर्क ही किया है। डामरीकरण और अन्य कार्य अभी बाकी हैं।

मार्ग पहले से ज्यादा खराब हो गया

खेत मालिक विजय पोपंडिया, दुर्गाशंकर मौर्या, प्रहलाद धाकड़, रामनारायण ठन्ना सहित अन्य किसानों ने बताया पहले पगडंडी वाला मार्ग था तो कुछ पक्का था। खेत तक जाने पर ज्यादा परेशानी नहीं अाती थी। जमीन अधिग्रहण करने के बाद मार्ग को खोदकर चौड़ा तो कर दिया, उसके बाद कुछ नहीं किया। दिनभर धूल उड़ती है, बारिश में कीचड़ से परेशान रहते हैं। खेत पर जाना मुश्किल भरा होता हैं।

तकनीकी कारणों से देरी हुई


मुआवजा मिला न खेती कर पा रहे हैं- किसान जगदीश सोनी, रामनारायण ठन्ना, सुरेश जैन, अशोक तिवारी, श्यामलाल धनोलिया, ईश्वरलाल धाकड़ सहित अन्य किसानों का कहना है कि प्रशासन ने जमीन तो अधिगृहीत कर ली, मुआवजा नहीं मिला। उस हिस्से में खेती भी कर पा रहे है। दोनों तरफ से नुकसान हो रहा हैं।

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