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दो सप्ताह में गरोठ को जिला बनाने का निर्णय नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन

प्रदेश सरकार द्वारा मप्र की दो तहसील वाली निवाड़ी तहसील को जिला बनाने की घोषणा के बाद गरोठ को जिला बनाने की 26 साल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 30, 2018, 04:20 AM IST

प्रदेश सरकार द्वारा मप्र की दो तहसील वाली निवाड़ी तहसील को जिला बनाने की घोषणा के बाद गरोठ को जिला बनाने की 26 साल पुरानी मांग फिर उठने लगी हैं। मंदसौर जिला मुख्यालय से गरोठ 105 किमी तो भानपुरा-गांधी सागर 170 किमी दूर हैं। ऐसे में लोगाें को छोटे-छोटे कार्य के लिए मंदसौर के चक्कर काटना पड़ते हैं। एक माह से सक्रिय युवाओं के साथ जनता गरोठ को जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रही है।

नगर के युवाओं और वरिष्ठजन ने गरोठ को जिला बनाने की मांग को लेकर इस बार संघर्ष समिति की जगह गरोठ जिला बनाओ अभियान समिति नाम दिया है। समिति अब तक दो बैठक कर चुकी हैं। बैठक के निर्णय के अनुरूप आंदोलन चरणबद्ध चलाने के साथ सुवासरा से गांधी सागर सहित जिले की मांग के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने का निर्णय हुआ। वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ लोगों से अभियान में मदद के लिए शामिल करने का आग्रह किया जाएगा। बुधवार का समिति द्वारा सीएम के नाम विधायक चंदरसिंह सिसौदिया को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में समिति ने दो सप्ताह में गरोठ को जिला घोषित करने की मांग करते हुए, कहा कि इस अवधि में जिला नहीं बनाया तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। समिति के जगदीश अग्रवाल ने बताया हम किसी भी प्रकार से हिंसात्मक आंदोलन नहीं करना चाहते हैं, हमारी एक ही मांग है कि गरोठ जिला बने। इसके लिए मुख्यमंत्री को दो सप्ताह का समय दिया है और उनके निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच अभियान को गति देने के लिए रविवार को समिति की बैठक हाेगी। जिसमें गरोठ सहित सुवासरा, शामगढ़, भानपुरा तहसील सहित गांधी सागर, भैंसोदा मंडी, बोलिया, खड़ावदा सहित प्रमुख नगर पंचायतों व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने के लिए नीति बनाई जाकर संपर्क अभियान शुरु करने के लिए तारीख तय करेंगे।

मुख्यमंत्री से समय मांगा है : विधायक चंदरसिंह सिसौदिया ने कहा गरोठ को जिला बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी हैं। जिला बनाने की मांग को लेकर समिति के सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल से मिलने के लिए सीएम से समय मांगा हैं।

यह है यहां-105 साल पुरानी कोर्ट

गरोठ में 105 साल पुरानी कोर्ट हैं। जहां अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय, उपजेल भवन के साथ रियासत कॉल के समय के तमाम कार्यालयों के साथ निवास भवन हैं। अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसील कार्यालय, वन विभाग, जल संसाधन, पीडब्ल्यूडी, बिजली कंपनी, नारकोटिक्स, महिला बाल विभाग, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग आदि कार्यालय हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन स्तर पर एएसपी(अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), एसडीओपी(अनुविभागीय अधिकारी पुलिस) कार्यालय भी हैं।

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