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प्रदेश में टॉप पर रहे मंदसौर में अब तक 8 नकलची पकड़ाए

2016 बोर्ड परीक्षा में मंदसौर जिला 12वीं व 10वीं बोर्ड में प्रदेशभर में पहली पोजिशन पर रहने से ख्यात हुआ था, इस बार नकल से...

Danik Bhaskar | Mar 23, 2018, 04:50 AM IST
2016 बोर्ड परीक्षा में मंदसौर जिला 12वीं व 10वीं बोर्ड में प्रदेशभर में पहली पोजिशन पर रहने से ख्यात हुआ था, इस बार नकल से जिले की बदनामी हो रही है। 8 केस बन चुके हैं, जिसमें से 7 तो केवल सीतामऊ के मानपुरा परीक्षा केंद्र पर बने हैं। जिले में दोनों स्तर की बोर्ड परीक्षा में 5 सालों में पहली बार इतने केस बने हैं। डीईओ का कहना है सघन चैकिंग की जा रही है, उज्जैन के फ्लाईंग स्क्वाड ने भी कार्रवाई की।

माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में गुरुवार को 12वीं के पेपर में 2 नकलची और पकड़ाने के साथ सत्र में 8 नकल प्रकरण बन चुके हैं। सभी केस 12वीं की परीक्षा में बने हैं। 10वीं में इस बार एक भी केस नहीं है। पिछले साल बोर्ड परीक्षा में जिले में केवल एक केस बना था। मल्हारगढ़ के उत्कृष्ट विद्यालय सेंटर पर मामला सामने आया था जहां छात्र परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिका लेकर गांव चला गया था| काॅपी कम मिलने पर रिकॉर्ड खंगालकर संबंधित को खोजकर उत्तरपुस्तिका केंद्र लाई गई थी। इस बार जिलास्तर के फ्लाईंग स्क्वाड और उज्जैन के दल ने 8 नकलची पकड़े हैं। जिले के 5 ब्लाकों मंदसौर, सीतामऊ, गरोठ, भानपुरा और सीतामऊ में कुल 79 परीक्षा केंद्र हैं इनमें से मानपुरा में ही 7 मामले आना ज्यादा चर्च में है। इधर प्रभारी डीईओ आरएल कारपेंटर का कहना है जिला और संभाग स्तर की टीम लगातार जांच कर रही है। नकल सामग्री मिलने पर केस बनाए जा रहे हैं।

उच्च शिक्षा में कॉलेज रहा नकल में अव्वल

मंदसौर का पीजी कॉलेज नकल के मामले में विक्रम यूनिवर्सिटी तक में बदनाम है। सेमेस्टर परीक्षा में यहां 25 से 35 मामले आते रहे हैं। विभागीय आदेश के बाद भी काॅलेज प्रबंधन ने अब तक परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए। कैमरे होते तो और भी बेहतर ढंग से मॉनिटरिंग हो जाती। विक्रम यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एसएस पांडेय ने बताया नए सत्र से कैमरे व्यवस्था को लेकर निर्देश जारी किए जाएंगे। अनिवार्यता का पालन करना होगा।