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सिविल अस्पताल की दशा सुधारने बनेगी रिपोर्ट, कमियां करेंगे दूर

शासकीय सिविल अस्पताल गरोठ और भानपुरा का कायाकल्प करने और अव्यवस्थाओं को दुरुस्त की दिशा में कार्य होंगे। इसके...

Bhaskar News Network| Last Modified - Mar 24, 2018, 05:00 AM IST

सिविल अस्पताल की दशा सुधारने बनेगी रिपोर्ट, कमियां करेंगे दूर
सिविल अस्पताल की दशा सुधारने बनेगी रिपोर्ट, कमियां करेंगे दूर
शासकीय सिविल अस्पताल गरोठ और भानपुरा का कायाकल्प करने और अव्यवस्थाओं को दुरुस्त की दिशा में कार्य होंगे। इसके लिए जल्द ही दोनों अस्पतालों के सर्वे के लिए टीम गठित कर कमियाें और आवश्यकताओं को लेकर रिपोर्ट तैयार होगी। रिपोर्ट के अाधार पर कायाकल्प होगा। यह सर्वे क्वालिटी कंट्राेल के मानकों को ध्यान में रखते हुए होगा।

क्षेत्र में शासकीय अस्पतालों की दशा सुधारने के लिए अब तक कई प्रयास हुए लेकिन काम के नाम पर जो हुआ वह नजर नहीं आ रहा है। आज भी शासकीय सिविल अस्पताल गरोठ में अव्यवस्थाएं साफ नजर आती हैं। सफाई से लेकर जो सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं, उनकी जानकारी हितग्राहियों को नहीं है। लैब से लेकर एक्स-रे मशीन व सोनोग्राफी जैसे रूम मानक स्तर के नहीं हैं। इसी प्रकार अोपीडी से लेकर घायल और सामान्य मरीजों को देखने के लिए एक ही स्थान है। प्राथमिक उपचार के दौरान भी पर्याप्त काम नहीं होता है। कहां-किस प्रकार की आवश्यकता है, इस पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसे में मरीजों के साथ उनके साथ आने वाले अटेंडरों के स्वास्थ्य पर भी उलट असर पड़ता है। डाॅक्टर व स्टाफ की कमी तो अलग समस्या है। यदि हम 6 महीने की बात करें तो इस अवधि में कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव तीन बार सिविल अस्पताल गरोठ और दो बार शासकीय अस्पताल भानपुरा का निरीक्षण कर चुके हैं। हर बार उन्हें समस्याओं के संबंध में आम मरीज से लेकर डाॅक्टर व स्टाफ तक अवगत करवाते हैं। कुछ कार्य भी होते हैं, लेकिन असर नहीं दिखता। गरोठ अस्पताल की बात करें तो प्राइवेट रूम के नाम पर सामान्य वार्ड से भी ज्यादा दयनीय स्थिति है। नवंबर 2016 में जब कलेक्टर निरीक्षण करने सिविल अस्पताल गरोठ में रात करीब 8 बजे पहुंचे थे, तब उन्होंने प्राइवेट वार्ड की स्थिति देखकर नाराजगी व्यक्त की थी। इसी महीने मंगलवार को गरोठ में जनसुनवाई के दौरान शासकीय अस्पताल भानपुरा का निरीक्षण किया तो वहां व्याप्त कमियों को दूर करने के लिए प्लान बनाकर काम करने का मानस बनाया। इस बारे में कलेक्टर ने दोनों अस्पतालों में सुधार के क्वालिटी कंट्रोल के मानकों के अनुरूप भौतिक स्तर पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया हैं।

इन बातों पर रहेगा विशेष ध्यान

शासकीय सिविल अस्पताल गरोठ।

रिपोर्ट तैयार कर, क्वालिटी कंट्रोल पर ध्यान देंगे

गरोठ-भानपुरा अस्पताल में कई कमियां नजर आई हैं। जो असुविधाएं हैं उन्हें सुधारना और मरीजों व परिजन को बेहतर सुविधा के साथ बेहतर माहौल मिले, इस पर काम किया जाएगा। क्वालिटी कंट्रोल के मानक अनुरूप दोनों अस्पतालों का सर्वे होगा। इसके लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया है। - ओ.पी. श्रीवास्तव, कलेक्टर, मंदसौर

दोनों अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं की वर्तमान स्थिति, कमियों और सुधार का आकलन करना। जैसे डिलीवरी रूम, लैब, एक्स-रे व सोनोग्राफी मशीन रूम मानक के अनुरूप हैं या नहीं। उनसे मरीज व परिजनों के स्वास्थ्य पर उलट असर तो नहीं पड़ रहा है। किस प्रकार सुधार हो सकता है। सफाई व्यवस्था को लेकर कमियां और सुधार, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति, यदि भोजन आदि दिया जाता है तो उसकी क्वालिटी व क्वांटिटी कैसी है। साथ ही अस्पताल में व्याप्त कमियों और आवश्यकताओं की सूची तैयार करना। जब रिपोर्ट तैयार हो जाएगी तो प्राथमिकता के आधार पर काम करवाना और क्वालिटी कंट्रोल के मानकों को पूरा करना ताकि मरीजों के बेहतर सुविधा के साथ माहौल मिल सके।

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