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सिविल अस्पताल : बकायादारों को 13 दिन पहले दी थी अंतिम सूचना, फिर मांगा समय

शासकीय अस्पताल परिसर में मुख्य मार्गों की तरफ निर्मित दुकानों के बकायादारों से वसूली के लिए अस्पताल प्रबंधन व...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 15, 2018, 05:05 AM IST

शासकीय अस्पताल परिसर में मुख्य मार्गों की तरफ निर्मित दुकानों के बकायादारों से वसूली के लिए अस्पताल प्रबंधन व रोगी कल्याण समिति की रुचि नहीं दिख रही है। 13 दिन पहले समिति ने मूल बकायादारों को अंतिम सूचना-पत्र जारी कर 8 दिन में बकाया मूल और किराया राशि जमा करवाने की बात कही थी। समय सीमा निकल जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

शासकीय सिविल अस्पताल प्रबंधन की रुपयों की कमी को दूर करने के लिए कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने 29 नवंबर 2017 को निरीक्षण के दौरान बकायादारों से सख्ती से वसूली के आदेश दिए थे। बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने रूचि नहीं दिखाई और 20 दिन बाद एसडीएम आरपी वर्मा को हस्तक्षेप करना पड़ा। यही नहीं रोगी कल्याण समिति की बैठक में विधायक चंदरसिंह सिसौदिया द्वारा भी दुकानदारों से चर्चा कर वसूली करने के निर्देश दिए गए। तब प्रबंधन ने वसूली के लिए पहले दिसंबर 2017 और फिर जनवरी 2018 के प्रारंभ में नोटिस जारी किए गए। तब 30 लाख रुपए में से करीब 5 लाख रुपए की वसूली प्रबंधन कर पाया था। एसडीएम आरपी वर्मा के दबाव के बाद प्रबंधन ने 13 दिन पहले वकील के माध्यम से अंतिम सूचना-पत्र देकर दुकान आवंटन की मूल बकाया और बकाया किराया राशि जमा करने के लिए 8 दुकानदारों को नोटिस जारी किया। उसकी भी अवधि खत्म हो चुकी है।

ब्याज का खुलासा नहीं-अस्पताल प्रबंधन ने संबंधित 8 दुकानदार को वकील के माध्यम से नोटिस भेजा। इसमें दुकान आवंटन की मूल राशि में से बकाया राशि के साथ नियमानुसार ब्याज और हर्जाने की राशि भी चुकाने को कहा है। प्रबंधन ने आवंटन राशि के मूल में से बकाया और बकाया किराया राशि के साथ हर्जाने राशि का उल्लेख तो नोटिस में किया हैं। उस पर कितना ब्याज और कब से लगेगा यह नहीं बताया और नहीं ब्याज राशि का उल्लेख किया गया।

कार्रवाई की जगह समय देने की तैयारी

अंतिम नोटिस की समयावधि निकलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जगह, प्रबंधन फिर से बकायादारों को समय देने की तैयारी कर रहा हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार प्रबंधन को एक दुकानदार ने तो बकाया चुकाने की बात कहते हुए मेडिकल के बिल थमाए हैं। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने एक बार फिर सभी से नाममात्र की राशि जमा करवाकर समय देने की तैयारी कर ली है। इसीलिए किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

वसूली सख्ती से की जाएगी, समय मांगा है

सभी बकायादारों से सख्ती के साथ वसूली की जाएगी। अंतिम सूचना-पत्र देने में ब्याज राशि नहीं जोड़ी गई, उसे जोड़कर बकाया राशि की सूची तैयार करने को कहा हैं। बकायादारों से चर्चा हुई है, सभी राशि जमा करवाना चाहते हैं, इसलिए समय दे रहे हैं। अभी किसी को समय नहीं दिया है, चर्चा करने के बाद ही आगे कार्रवाई करेंगे। डॉ. आरसी कुकड़े, बीएमओ सिविल अस्पताल गरोठ

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