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कालीसिंध स्टॉपडेम में 15 दिन का पानी बाकी, इंटकवेल से 100 मीटर दूर पहुंचा

शामगढ़ के मुख्य जलस्रोत मोरड़ी में चंबल नदी के किनारे बने इंटकवेल से इतना दूर पहुंच गया पानी। भास्कर संवाददाता |...

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2018, 05:15 AM IST
कालीसिंध स्टॉपडेम में 15 दिन का पानी बाकी, इंटकवेल से 100 मीटर दूर पहुंचा
शामगढ़ के मुख्य जलस्रोत मोरड़ी में चंबल नदी के किनारे बने इंटकवेल से इतना दूर पहुंच गया पानी।

भास्कर संवाददाता | गरोठ

गर्मी के साथ ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में पेयजल संकट ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। गरोठ, भानपुरा सहित शामगढ़ व सुवासरा नगरीय क्षेत्र के मुख्य पेयजल स्रोत दम तोड़ने लगे हैं। जो हालात है उससे अप्रैल माह के अंत तक जलसंकट गहराने के ज्यादा असर दिखने लगेगा। सबसे ज्यादा हालात सुवासरा और शामगढ़ नगर में बनते नजर आ रहे हैं। जिम्मेदारों का कहना है पेयजल संकट से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी हैं।

नगरीय निकायों की स्थिति

सुवासरा- जलस्रोत में 15 दिन का पानी

नगर में पेयजल का मुख्य स्रोत धानड़ाखेड़ा में कालीसिंध नदी पर बना स्टाॅपडेम है। जहां से इंटकवेल से नगर में पानी आता है। स्टॉपडेम में 15 दिन का पानी बाकी है। इंटकवेल से 100 मीटर दूर पानी जा चुका है, जिसे मोटर से खींचकर इंटकवेल में डाल रहे हैं। कालीसिंध नदी आगे जाकर चंबल में मिलती है। इस बार चंबल का जल स्तर कम होने से पानी कालीसिंध तक नहीं आ रहा है।

यह कदम उठाए- नप ने कालीसिंध में बाकी पानी को लिफ्ट करने के साथ ही चंबल से पानी लेना शुरू किया हैं। इसके लिए करीब दो किमी दूर चंबल नदी में एक मोटर डालकर पानी को इंटकवेल तक खींचकर ला रहे हैं। क्षमता बढ़ाने के साथ इंटकवेल के समीप दो ट्यूबवेल खनन का प्रस्ताव भी है।

शामगढ़- 100 फीट दूर पहुंचा पानी

नगर में पेयजल व्यवस्था के लिए मोरडी में चंबल नदी के किनारे इंटकवेल है। जहां से नगर में पानी आता है, चंबल का जल स्तर कम होने से वर्तमान में इंटकवेल से पानी करीब 100 फीट दूर चला गया है और जल स्तर कम होता जा रहा है।

यह कदम उठाए : नगर परिषद ने इसी सप्ताह इंटकवेल तक पानी पहुंचाने के लिए 15, 10 व 5 हाॅर्स पावर की तीन मोटरें लगाई हैं। पानी खींचकर इंटकवेल में डाला जा रहा हैं। जरूरत को देखते हुए मोटरों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी है।

सावधानी से उपयोग करें पानी


भानपुरा- ध्यान नहीं दिया तो आएगी दिक्कत

नगर में पेयजल संकट ज्यादा नहीं हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया तो संकट गहरा सकता है। इंद्रगढ़ जलाशय में पानी कम है, ऐसे में पानी को सुरक्षित रखना जरूरी है। वर्तमान में जलाशय से पानी चोरी हो रहा है। इसे नहीं रोका तो निश्चित जलसंकट की चपेट में नगर आ जाएगा।

यह कदम उठाए : नगर परिषद द्वारा इंद्रगढ़ जलाशय से अपने हक का पानी सुरक्षित रखने के लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिखा है। पानी चोरी रोकने के लिए टीम का गठन के लिए विचार हो रहा है। नगर के अन्य जलस्रोत से पानी लेने की के लिए भी योजना बनाने का प्रस्ताव है।

गरोठ- जलस्रोत में भी कम पानी बचा

गरोठ में पेयजल संकट गहराने के अासार हैं। मुख्य जलस्रोत बर्रामा में चंबल का पानी इंटकवेल से 60 फीट दूर जा चुका है। अन्य जलस्रोत में भी कम पानी बचा है। ऐसे में बर्रामा से चंबल का पानी ज्यादा कैसे लाया जाए, इसे लेकर कोई योजना नहीं हैं।

यह कदम उठाए : नप ने चंबल का जल स्तर उतरने के साथ ही इंटकवेल तक पानी लाने के लिए 60 फीट दूरी पर 10 फीट गहराई में पानी की मोटर डालकर पानी लिफ्ट कर इंटकवेल तक लाया जा रहा है। साथ ही स्थानीय जलस्रोत को सुरक्षित रखने का प्रस्ताव है।

कुएं का उपयोग करेंगे


निर्देश दिए हैं


मॉनीटरिंग जारी


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