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सड़क व ब्रिज बनने से 6 किमी दूरी हुई कम, 27 हजार ग्रामीणों की राह आसान

सालों से जर्जर कछालिया साठखेड़ा मार्ग का 6 कराेड़ 33 लाख रुपए से तैयार हो गया है। कुछ स्थानों पर साइड शोल्डर में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 04, 2018, 05:20 AM IST

सड़क व ब्रिज बनने से 6 किमी दूरी हुई कम, 27 हजार ग्रामीणों की राह आसान
सालों से जर्जर कछालिया साठखेड़ा मार्ग का 6 कराेड़ 33 लाख रुपए से तैयार हो गया है। कुछ स्थानों पर साइड शोल्डर में गिट्टी-मिट्टी समतलीकरण चल रहा है। 4.14 किमी लंबा मार्ग और कछालिया नदी पर ब्रिज बनने से साठखेड़ा सहित मार्ग व उसके आसपास के 25 से ज्यादा छोटे-बड़े गांवों में रहने वाले 27 हजार से ज्यादा ग्रामीणों की राह आसान हो गई हैं। मार्ग का जल्द लोकार्पण होगा।

गराेठ-शामगढ़ रोड़ से लगा कछालिया-साठखेड़ा रोड सालों से जर्जर हाे रहा था। कछालिया रपट (छोटी पुलिया) भी छोटी होकर बारिश में बंद हो जाती थी। एेसे में कछालिया के बाद के ग्रामीण क्षेत्रों का अक्सर बारिश के दिनों में रपट पर पानी होने और सड़क मार्ग जर्जर होने से तहसील मुख्यालय गरोठ आने में परेशानी होती थी। मार्ग व पुलिया निर्माण की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे। इसको जिला पंचायत सदस्य रंजना पंडा ने जिपं की बैठक सहित सांसद सुधीर गुप्ता और विधायक चंदरसिंह सिसौदिया के समक्ष उठाया था। यही नहीं सड़क निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री तक मांग उठी। सांसद गुप्ता व विधायक सिसौदिया व जिपं सदस्य पंडा के संयुक्त प्रयासों से मुख्यमंत्री घोषणा में सड़क काे शामिल किया। सर्वे में 7 करोड़ 80 लाख रुपए से 6.100 किमी लंबी सड़क बनाने को मंजूरी मिली। रणायरा से साठखेड़ा तक की सड़क का पूरा मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल होकर बना गया। ऐसे में पीडब्ल्यूडी ने गरोठ रोड से कछालिया और रणायरा तक 4.140 किमी लंबी सड़क का करीब 6 करोड़ 33 लाख रुपए की लागत से वर्ष 2016 के अंत में निर्माण शुरू किया था। सड़क के छोटी-मोटी रपट और कछालिया नदी पर ब्रिज का भी निर्माण किया गया। इस पर कार्य पूर्ण होकर आवागमन के लिए चालू हो गया है। नई डामरीकृत सड़क भी तैयार है। हालांकि सड़क को मजबूती देने के लिए दोनों किनारों पर शोल्डर भरने का कार्य अंतिम चरणों में है। ठेकेदार ने मार्ग के दोनों तरफ शोल्डर के लिए मटेरियल डालने के साथ 95 फीसदी शोल्डर का सड़क की लेवल में समतलीकरण कर दिया है। हालांकि सड़क पर आवागमन शुरू हो गया और ग्रामीणों को लाभ मिल रहा है।

अब 12 महीने इस मार्ग का उपयोग हो सकता है

अब 12 महीने इस मार्ग का उपयोग हो सकता है। - फोटो | भास्कर

ग्रामीणों की मांग संयुक्त प्रयास से हुई पूरी

यह मार्ग सालों से जर्जर था। कछालिया पर रपट होने से बारिश में मार्ग अवरुद्ध हो जाता था। सांसद गुप्ता व विधायक सिसौदिया के साथ संयुक्त प्रयासों से मुख्यमंत्री घोषणा में सड़क कार्य पूर्ण हो पाया है। नहीं तो हर बार किसी ना किसी कारण से सड़क निर्माण की स्वीकृति अटकती रही। - रंजना पंड़ा, सदस्य जिला पंचायत मंदसौर

कछालिया रोड के नाम से पहचाने जाना वाला यह मार्ग साठखेड़ा को सीधे जोड़ता है। इसके बनने से कछालिया, रणायरा, गज्या खेड़ी, लसुडिया, देथलिया, पनवाड़ी, पिपलिया राजा, सेमली रूपा व साठखेड़ा सहित आसपास के 25 से ज्यादा छोटे-मोटे गांव की राह आसान हुई है। इतना ही नहीं सड़क निर्माण के साथ कछालिया नदी पर ब्रिज बनने से दूरी भी कम हुई। पहले साठखेड़ा, बालोदा सहित आसपास के ग्रामीणों को बर्डिया अमरा, नलखेड़ा होकर गरोठ आना पड़ता यह मार्ग करीब 15-16 किमी लंबा था। अब रणायरा-कछालिया होकर मार्ग की लंबाई 9-10 किमी ही रह गई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बारिश में कछालिया नदी में पानी भरा होने से होती थी। ब्रिज बनने से अब बारह महीने इस मार्ग का उपयोग हो सकता हैं।

कार्य लगभग पूर्ण है

कछालिया-रणायरा सड़क निर्माण पूर्ण हो चुका है। कुछ कार्य बाकी है, वह भी शीघ्र पूर्ण हो जाएगा। सूरज झरिया, एसडीओ पीडब्ल्यूडी

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