गरोठ

--Advertisement--

बिना सूचना नदारद 7 डाॅक्टरों पर सरकार ने बैठा दी जांच

मप्र लोक सेवा आयोग से चयनित होकर अस्पतालों में पोस्टिंग मिली लेकिन कुछ दिन आने के बाद से ये डॉक्टर नदारद हो गए। कोई...

Dainik Bhaskar

Feb 24, 2018, 06:00 AM IST
मप्र लोक सेवा आयोग से चयनित होकर अस्पतालों में पोस्टिंग मिली लेकिन कुछ दिन आने के बाद से ये डॉक्टर नदारद हो गए। कोई 2 तो कोई 7 साल से ड्यूटी पर नहीं आ रहा है। सरकार ने मंदसौर में 7 और नीमच के 4 डॉक्टरों पर विभागीय जांच बैठा दी है। सिविल सेवा नियम के तहत नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। सरकारी नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाने के साथ ब्लैक लिस्टेड करने समेत अन्य जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले दिनों सीएमएचओ ने ऐसे डॉक्टरों की सूची शासन को भेजी थी, इसके बाद मामले में तेजी आई।

500 बेड वाले मंदसौर जिला अस्पताल में वर्तमान में 29 पदों की तुलना में 15 ही डॉक्टर हैं। कम डॉक्टर और ज्यादा काम होने से इनमें से प्रत्येक को सुबह-शाम ओपीडी के अलावा नाइट ड्यूटी तक देना पड़ती है। कई मौकों पर 24 में से 18 घंटे भी काम करना पड़ता है। इधर, जिले नीमच में 4 चिकित्सक शर्तों का उल्लंघन करते हुए महीनों, सालों से नदारद हैं। पिछले दिनों मंदसौर व नीमच के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव रवींद्र कियावत को ऐसे डॉक्टरों की सूची व लापरवाही का स्तर भी बताया था। चूंकि सिविल सेवा नियम की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन हुआ, ऐसे में अब सरकार ने इनकी सूची बनाकर सरकारी नौकरी से बाहर करने की तैयारी शुरू कर दी है। नोटिस भेजे जा चुके हैं।

सेवामुक्ति, रजिस्ट्रेशन कैंसिल, ब्लैक लिस्टेड कर सकते है

विभागीय जांच कियावत कर रहे हैं। संबंधितों को नौकरी से हटाने, रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने, भविष्य में सेवाएं न लेने जैसे सख्त कदम तक उठाए जा सकते हैं। इसके बाद रिक्त पदों पर शासन नए चिकित्सक भेज सकेगा और केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी। सीएमएचओ डॉ. महेश मालवीय ने बताया जिले से जुड़ी विस्तृत जानकारी विभाग को भेजी जा चुकी है। पोस्टिंग तारीख, ज्वाइनिंग, नदारद रहने समेत अन्य विषय का डिटेल दिया है। आवश्यक कार्रवाई मुख्यालय स्तर से होगी।

चिकित्सक पोस्टिंग स्थल कब से नदारद

डॉ. एंजलिना भाटी मंदसौर अस्पताल 11 अगस्त 2016 से

डॉ. प्रिया वर्मा मंदसौर अस्पताल 11 दिसंबर 2015 से

डॉ. शैलेंद्र पाटीदार गरोठ अस्पताल 10 सितंबर 2013 से

डॉ. अंकुर जैन गरोठ अस्पताल 30 नवंबर 2012 से

डॉ. संतोष कामलिया गांधीसागर केंद्र 24 अप्रैल 2011 से

डॉ. अमित धनोतिया गरोठ अस्पताल 24 मई 2011 से

डॉ. नवीन गुप्ता भानपुरा अस्पताल 23 मई 2011

इन डॉक्टर ने नियमों का किया उल्लंघन

X
Click to listen..