Hindi News »Madhya Pradesh »Garoth» ट्रेन में चार वर्षीय बच्ची को रोते देख यात्रियों ने साथ बैठे बुजुर्ग को बच्ची चाेर समझा, वे मददगार निकले

ट्रेन में चार वर्षीय बच्ची को रोते देख यात्रियों ने साथ बैठे बुजुर्ग को बच्ची चाेर समझा, वे मददगार निकले

भास्कर संवाददाता | गरोठ/शामगढ़ कोटा रेलवे स्टेशन से ट्रेन फिरोजपुर-मुंबई जनता एक्सप्रेस की जनरल बोगी में चार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 24, 2018, 06:00 AM IST

भास्कर संवाददाता | गरोठ/शामगढ़

कोटा रेलवे स्टेशन से ट्रेन फिरोजपुर-मुंबई जनता एक्सप्रेस की जनरल बोगी में चार वर्षीय बालिका प्रियंका को रोता देख यात्रियों ने 79 वर्षीय यूसुफ खान को बच्ची चोर समझ लिया। उसे घेरे रखा और रेलवे पुलिस को खबर कर दी। शामगढ़ स्टेशन पर जब जीआरपी पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की तो उक्त बुजुर्ग बच्ची का मददगार निकला। बाद में आरपीएफ ने बच्ची के माता-पिता को बुला पहचान करवा उन्हें सौंपी और बुजुर्ग को सम्मान के साथ जाने दिया।

घटना

कोटा में चार वर्षीय बालिका प्रियंका ट्रेन में चढ़ गई, माता-पिता के चढ़ने के पहले चल दी थी ट्रेन

बच्ची के पिता ने बुजुर्ग को फोनकर उसे संभालने की विनती की थी

शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी एमएस मंडलोई ने बताया कि बीती रात जनता एक्सप्रेस के जनरल बोगी से प्रियंका को सूचना पर उतारा था। उसके पिता राकेश और माता गुड्डीबाई निवासी पडवाड़ा थाना खवासा जिला झाबुआ को बुलाकर उन्हें सौपा। राकेश ने बताया वह परिवार सहित झाबुआ से कोटा मजदूरी करने आए थे। गुरुवार को जनता एक्सप्रेस में बैठने रहे थे। बेटी प्रियंका को ट्रेन में बैठाने के बाद पति-प|ी सामान ट्रेन में चढ़ा रहे थे, तभी ट्रेन चल दी। उसी कोच में कोटा से यूसुफ खान को उनके पुत्र ने ट्रेन में बैठाया था। यह देख हमने उनके पुत्र से पूछा जिन्हें आपने बैठाया हैं, वे कहां जा तक जा रहे हैं। उसने बताया कि उसके पिता नागदा उतरेंगे। इस पर राकेश ने कहा उन्हें फोन करके बता दो कि उसी कोच में हमारी बच्ची भी है। नागदा में बच्ची को उतारकर पुलिस को दे देना हम पीछे वाली ट्रेन से आ रहे हैं। इसी बीच भवानीमंडी से शामगढ़ के बीच बच्ची अपने माता-पिता को न देख रोने लगी। यह देख ट्रेन में सवार अन्य यात्रियों ने बुजुर्ग यूसुफ खान को अपहरणकर्ता समझा और पूछताछ करने लगे। उसने सारी हकीकत बता दी, फिर भी लोगों ने पुलिस को फोन कर जानकारी दी। उधर स्टेशन भवानी मंडी के ही भूरू नामक ऑटो चालक को यात्रियों की बात सुनकर लगा कि कोई अपहरण का मामला है तो उसने तुरंत शामगढ़ जीआरपी थाना प्रभारी एमएस मंडलोई से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी। सूचना पर एमएस मंडलोई की टीम फिरोजपुर से मुंबई को जाने वाली जनता एक्सप्रेस के जनरल बोगी पर पहुंचे और बच्ची को अपने कब्जे में लिया तभी यूसुफ चाचा ने सारी बात बताई। यूसुफ खान के बेटे से पुनः बात करके राकेश से संपर्क किया और राकेश को बोला कि शामगढ़ आकर आप अपनी बच्ची को ले जाए तभी राकेश अपनी बीवी व बच्चें के साथ शामगढ़ आया। तब जीआरपी थाना प्रभारी एमएस मंडलोई ने नियमानुसार पंचनामा बनाकर बच्ची को उसके माता-पिता के हवाले किया।

बालिका प्रियंका।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Garoth

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×