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20 गांव के 46 हजार लोगों को मिलेगा शुद्ध व पर्याप्त पेयजल

शासन ने गांवों में पेयजल सुलभता के लिए मुख्यमंत्री नलजल योजना शुरू की है। इसमें पूरी राशि राज्य सरकार द्वारा खर्च...

Danik Bhaskar | Feb 26, 2018, 07:00 AM IST
शासन ने गांवों में पेयजल सुलभता के लिए मुख्यमंत्री नलजल योजना शुरू की है। इसमें पूरी राशि राज्य सरकार द्वारा खर्च की जा रही है। योजना के अंतर्गत पीएचई ने 38 गांवों का चयन किया है। प्रथम चरण में 20 गांवों के प्रस्ताव तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। दो गांव में योजना का भूमिपूजन हो गया है। इससे पहले चरण में 20 गांवो के 46 हजार 497 लोगों को गर्मी में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होगा। शेष 18 गांवों में से 15 की डीपीआर तैयार हो गई है। तीन गांवों के प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं। डीपीआर तैयार होते ही दूसरे चरण में इनकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ठेकेदार द्वारा दो साल तक संचालन व मेंटेनेंस किया जाएगा।

ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पीएचई ने मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजना पर काम शुरू कर दिया है।

खजुरीसारंग में 1.37 करोड़ की योजना का भूमिपूजन हो चुका

विभाग ने 38 गांवों का चयन किया। प्रथम चरण में 20 गांवों को लिया है। इसमें मंदसौर के 2, मल्हारगढ़ के 6, सुवासरा के 4 गरोठ ब्लॉक के 8 गांव को लिया। पीएचई ने गांवोें में पेयजल स्त्रोत तैयार कर टंकी निर्माण व पाइप लाइन डाल कर घर-घर कनेक्शन करने के लिए 21 करोड़ 84 लाख की डीपीआर शासन से स्वीकृत कराई है। खजुरीसारंग में 1.37 करोड़ की योजना का भूमिपूजन हो गया। 13 गांवों की योजना के टेंडर लग गए हैं। मार्च में टेंडर ओपन कर काम शुरू किया जाएगा। 6 गांवों की डीपीआर तैयार है। एक-डेढ़ माह में इनके टेंडर लगा दिए जाएंगे। प्रथम चरण का काम होने के बाद 20 गांव के 46, 497 लोगों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। योजना के बाद वितरण व्यवस्था का संचालन व मेंटेनेंस भी दो साल तक ठेकेदार को करना होगा।

36 हजार 707 लोगाें को लाभ होगा

पीएचई के कार्यपालन यंत्री संदीप दुबे ने बताया दूसरे चरण में 18 गांव को योजना में शामिल किया। इसमें मंदसौर ब्लॉक के दो, मल्हारगढ़ ब्लॉक के 6, सुवासरा ब्लॉक के पांच एवं गरोठ ब्लॉक के पांच गांवों को शामिल किया। इसमें मल्हारगढ़ के बरखेड़ा डांगी एवं सुवासरा के पिछला गांव की डीपीआर तैयार हो रही है। शेष 16 गांव के लिए 15.91 करोड़ की योजना तैयार की है, जिससे 36 हजार 707 लोगाें को लाभ होगा।

ग्रामीणों को प्रेरित कर रहे

पीएचई द्वारा गांवों में ग्रामीणों को पेयजल की जानकारी दी जा रही है। इसे निरंतर चलाने के लिए मेंटेनेंस राशि की जरूरत होती है जिसे जलकर के रूप में जमा करने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए पीएचई चौपाल लगा कर पेयजल उपसमितियां बना रही हैं।