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डेढ़ करोड़ खर्च, मालवा क्वीन चली न हॉट बलून, नौ दिन में 900 लोग भी नहीं पहुंचे

Garoth News - झील महोत्सव के टेंडर की शर्तों के अनुरूप एडवेंचर इवेंट में तीन प्रकार के इवेंट रखना थे। हाट बलून, पैरा ग्लाइडिंग...

Dainik Bhaskar

Feb 26, 2018, 07:00 AM IST
डेढ़ करोड़ खर्च, मालवा क्वीन चली न हॉट बलून, नौ दिन में 900 लोग भी नहीं पहुंचे
झील महोत्सव के टेंडर की शर्तों के अनुरूप एडवेंचर इवेंट में तीन प्रकार के इवेंट रखना थे। हाट बलून, पैरा ग्लाइडिंग और पैरा मोटर जैसे साहसिक इवेंट थे। 9 दिन में केवल पैरा माेटर ने ही शौकीनों को आसमान में उड़ाया। पैरा मोटर में एक बार में एक व्यक्ति उड़ान भर सकता है। उसके लिए उसे 1 हजार रुपए का टिकट और 280 रुपए जीएसटी अलग से हैं।

गरोठ/ गांधीसागर| डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने के बाद भी गांधीसागर झील महोत्सव-2018 में 900 पर्यटक नहीं पहुंचे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में जुटे लोगों में 85 फीसदी दर्शक स्थानीय हैं। इंवेट कंपनी पर्यटक बताते हुए आयोजन सफल बता रही हैं। पर्यटकों के रुकने के लिए 25 कॉटेज 25 टाइम के लिए भी बुक नहीं हुए। चंबल की लहरों की मुख्य आकर्षण मालवा क्वींन (क्रूज) में घूमने का मौका जो लोग पहुंचे उन्हें नहीं मिला। एडवेंचर इवेंट के नाम पर एकमात्र पैरामीटर चलाया जा रहा है।

क्रूज में घूमना था, देखकर लौटना पड़ा

नीमच से गांधी सागर आए विकास गोयल ने बताया मालवा क्वींन (क्रूज) की बहुत तारीफ सुनी थी। यहां आए तो पता चला क्रूज नहीं चल रहा है, फिर बोट क्लब व क्रूज देखने पहुंचे तो अनुभव कड़वा रहा। बाेट क्लब तक पहुंचने वाला रास्ता तक नहीं बना हैं। बस क्रूज देखकर वापस आ गए।

पैरा मोटर ही आसमान में उड़ी-280 रुपए जीएसटी

150 ने उड़ान भरी

एडवेंचर इंवेंट की बात करें तो शनिवार तक 150 लोगों ने इस साहसिक इवेंट का आनंद उठाया। वह भी पेरा मोटर में, बाकी इंवेट हुए ही नहीं।

गांधी सागर में खड़ी मालवा क्वींन (क्रूज) जो झील महोत्सव के लिए लाई गई थी, यह शुरू दिन से एेसे ही खड़ी हैं।

झील महोत्सव का आयोजन गर्मी में होता तो पर्यटक ज्यादा मिलते

बार-बार तारीख बदलना, अधूरी तैयारी का नतीजा

झील महोत्सव को लेकर बार-बार तारीख बदलना। अंत में औपचारिकता के लिए बच्चों की परीक्षा अौर विवाह मुहुर्त के बावजूद 16 से 27 फरवरी तक आयोजन रखना। वह भी अधूरी तैयारी के साथ।

प्रचार-प्रसार का अभाव

शासन व प्रशासन ने हनुमंतिया से ज्यादा प्रसार-प्रचार और पर्यटक जुटाने के दावे किए थे। प्रदेश स्तर पर तो छोड़िए स्थानीय व जिला स्तर तक प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया। आयोजन के पहले मंदसौर व नीमच के साथ गांधी सागर में 6 से ज्यादा बैठकें हुई। मंदसौर, गरोठ व नीमच में झील महोत्सव प्रमोट करने के लिए कंपनी द्वारा प्रेजेंटेशन रखा गया। बावजूद भीड़ नहीं जुट पाई।

पर्यटकों के अनुरूप इंवेंट


इसका जवाब कलेक्टर साहब देंगे

झील महोत्सव आयोजित करने वाली दशपुर पर्यटन विकास परिषद मंदसौर के सचिव आैर जिला योजना अधिकारी डॉ. जेके जैन ने महोत्सव से जुड़े हर सवाल का जवाब टाल दिया। महोत्सव पर कितना खर्च हुआ, मालवा क्वींन (क्रूज) क्यों नहीं चला, महोत्सव असफल क्याें रहा। के जवाब पर बोले कलेक्टर अोपी श्रीवास्तव जवाब देंगे।

मेरे क्षेत्र में हो रहा तो ध्यान रख रहा हूं

गरोठ एसडीएम आरपी वर्मा ने कहां मेरे क्षेत्र में आयोजन हो रहा है, इसलिए कुछ गड़बड़ न हो और आयोजन शांतिपूर्वक सफल हो यही मॉनिटरिंग कर रहा हूं। बाकी जानकारी वरिष्ठ बताएंगे।

25 कॉटेज, 8 दिन, 22 पर्यटक ठहरे

प्रतिदिन आने वाले पर्यटकों की संख्या के अनुरूप इवेंट कंपनी ने 25 कॉटेज बनाए थे। शनिवार तक कॉटेज में 22 दिन की ऑनलाइन बुकिंग हुई। इससे स्पष्ट है प्रतिदिन कॉटेज बुक रहते तो 8 दिन में 200 बुकिंग होना थी और हुई 22 बुकिंग। एक कॉटेज का किराया 4500 से 7000रुपए और 28 फीसदी जीएसटी हैं।

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