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13190 महिलाओं का हीमोग्लोबिन लेवल कम, 600 तो गंभीर श्रेणी में

खून की कमी वाले रोग एनीमिया को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर साल सर्वे कराता है इसका बदलाव भी दिख रहा है...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 08, 2018, 07:15 AM IST

खून की कमी वाले रोग एनीमिया को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर साल सर्वे कराता है इसका बदलाव भी दिख रहा है हालांकि यह ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं है। जिले में 13 हजार से ज्यादा गर्भवती महिलाओं, युवतियों का हीमोग्लोबिन लेवल अब भी मानक 11 से कम है। 600 महिलाएं गंभीर कैटेगरी में है, इनका हीमोग्लोबिन लेवल 7 से नीचे हैं। 3 सालों में इस बार एनीमिया के मामले सबसे कम हैं। यह स्थिति स्कूल-कॉलेज स्तर पर जानकारी देने, कैंप लगाने से बनी है।

2016 में जिले में 15, 630 महिलाओं का हीमोग्लोबिन लेवल 7 से 10.9 के बीच था, 2 साल में संख्या 13190 हो गई है। अति अल्प रक्तता (गंभीर स्थिति) वाले मामले इस अवधि में 712 से घटकर 600 पर आए हैं। संख्या कम हुई है। एक स्वस्थ महिला, युवती का हीमोग्लोबिन लेवल 11 या उससे अधिक होना चाहिए। साल 2016 के सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि उस अवधि में जिले में 15630 महिलाओं का हीमोग्लोबिन लेवल 7.1 से 10.9 के बीच रहा था, जो लेवल औसत के नीचे हैं। 2017 में संख्या घटकर 14 हजार 452 पर आई। इस साल के ताजा सर्वे में 13 हजार 190 के साथ पोजीशन बेहतर हुई है। अति रक्तअल्पता के मामले भी कम हुए हैं, इसमें हीमोग्लोबिन लेवल 7 से कम रहता है। साल 2016 में इनकी संख्या 712 थी, 2017 में 662 थी और 2018 के ताजा सर्वे में 600 पर है।

इस बार मंदसौर ब्लाॅक में सबसे ज्यादा रोगी

स्वास्थ्य विभाग ने जिले के पांचों ब्लॉकों मंदसौर, गरोठ, भानपुरा, सीतामऊ, मल्हारगढ़ और मंदसौर में एनीमिया की स्थिति जानने के लिए हीमोग्लोबिन स्तर जांचा था। जिलेभर से 19,752 गर्भवती महिलाओं व युवतियों को सूचीबद्ध किया। खून की कमी दूर करने के लिए इनको आयरन की गोली से लेकर इंजेक्शन तक उपलब्ध कराएगा। नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के सर्वे में यह आंकड़े सामने आए।

डाइट चार्ट से सुधार आएगा

एनआरएचएम के जिला प्रभारी राकेश शर्मा ने बताया विभाग प्रोग्राम चलाता है लेकिन नियमित जांच ना कराना, अवेयरनेस में कमी से गंभीर स्थिति वाले मामले हैं। खासकर अति अल्परक्तता वाले केसेस के लिए ब्लॉकस्तर पर डाइट चार्ट, समय-समय पर जांच के साथ कोर्स लिखा है। रिकवर करेंगे। ब्लाॅक स्तर पर जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।

कैंप लगाएंगे- इस संबंध में सीएमएचओ डॉ. महेश मालवीय ने बताया जरूरत होने पर जिलास्तर पर भी जांच कैंप लगाएंगे। हीमोग्लोबिन लेवल कम होने पर जल्द थकान, काम में मन ना लगना आदि लक्षण आते हैं। गोलियों के साथ जरूरी कोर्स लिखा जाता है।

देखिए कहां क्या स्थिति

18 से 35 वर्ष की महिलाओं के आंकड़े

ब्लाक रजिस्टर्ड अल्प रक्तता अति अल्परक्तता सामान्य

संख्या (7.1 से 10.9 तक) 7 लेवल से भी कम) स्थिति

भानपुरा 2153 1690 41 422

गरोठ 4065 2885 83 1097

मल्हारगढ़ 2732 2399 64 269

मंदसौर 6792 3476 300 3016

सीतामऊ 4010 2740 112 1158

कुल 19752 13190 600 5962

(सर्वे जनवरी 2018 की रिपोर्ट)

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