• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Garoth
  • बसों की कमी : यात्री छतों पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे
--Advertisement--

बसों की कमी : यात्री छतों पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे

Garoth News - शादी और अन्य मांगलिक कार्यों के चलते एक तो ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही है तो दूसरी तरफ बसें भी कम पड़ रही हैं। शादी...

Dainik Bhaskar

Apr 22, 2018, 02:25 AM IST
बसों की कमी : यात्री छतों पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे
शादी और अन्य मांगलिक कार्यों के चलते एक तो ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही है तो दूसरी तरफ बसें भी कम पड़ रही हैं। शादी का सीजन हाेने से बसे रूट छोड़कर बरातों के लाने-ले जाने में लगी हैं। हालात यह हैं कि गांधीसागर से गरोठ व मंदसौर तक के रुपए पर चलने वाले बसें खचाखच भरी जा रही हैं। अगली बस कब मिलेगी, इसका भरोसा नहीं हाेने के कारण यात्री जान जोखिम में डालकर भरी गर्मी और धूप में छत पर भी सफर करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर परिवार बरात के लिए ट्रैक्टर-ट्राॅली का ही उपयोग कर रहे हैं। यह सब होने के बावजूद पुलिस व प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। इन्हे रोकने और टोकने वाला कोई नहीं है।

गरोठ बस स्टैंंड पर रोज 70 से ज्यादा बसें आती और जाती हैं। पिछले सात दिन से लग्नसरा के मुहूर्त ज्यादा होने के कारण यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जबकि रूट पर चलने वाली करीब 30 फीसदी बसें बरात में लगी हैं। भरी गर्मी होने के साथ तापमान 40 डिग्री से उपर चल रहा है। गरोठ निवासी राधेश्याम पटेल, खड़ावदा निवासी रामचंद्र पाटीदार ने बताया मंदसौर जाना है लेकिन बस ही नहीं मिल रही हैं। दो बसें आईं, लेकिन इतनी सवारी भरी थी कि पैर रखने की जगह तक नहीं, छत पर भी यात्री बैठे थे। परिवार के साथ कैसे जाएं। बस स्टैंड पर भरी दोपहरी में 300 से ज्यादा यात्री बसों के इंतजार में बैठे थे लेकिन भानपुरा, शामगढ़, सुवासरा, मंदसौर रूट सहित लंबी दूरी की लगभग सभी बसें सवारियों से भरी आ रही थीं।

इस तरह हो रहा सफर, राेकने वाला कोई नहीं

गरोठ बस स्टैंड पर खचाखच भरी बस आई। गर्मी में इस प्रकार छत पर सफर करते यात्री।

भानपुरा व शामगढ़ में ट्रेनों की सुविधा होने से राहत

हालांकि भानपुरा में ट्रेन की सुविधा नहीं है लेकिन नजदीकी रेलवे स्टेशन भवानीमंडी है। लंबी दूरी के साथ इंदौर, रतलाम और राजस्थान के शहराें की तरफ जाने वाले भवानीमंडी जाकर ट्रेन से सफर कर लेते हैं। भवानीमंडी तक जाने के लिए मैजिक वाहन आसानी से हर समय उपलब्ध रहते हैं। शामगढ़ में रेलवे स्टेशन है और यहां हर रूट की अधिकतर ट्रेन रुकती हैं।

रोकते हैं लेकिन सवारी मानती ही नहीं


समझाइश देने के साथ कार्रवाई करते हंै


सफर में सबसे ज्यादा परेशानी गरोठ में

गरोठ से सफर करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। अधिकतर बसें भानपुरा या शामगढ़ व मंदसौर से चलती हैं। ऐसे में यहां जो भी बस आती है वह यात्रियों से भरी होती है। आसपास ग्रामीण क्षेत्र में चलने वाली बसों में जरूर जगह मिल जाती है। वे भी सीमित संख्या में चल रही हैं। ट्रेन की कनेक्टिविटी भी नहीं है।

X
बसों की कमी : यात्री छतों पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..