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वैकल्पिक मार्ग पर तेज गति से निकलते हैं वाहन, हादसे का डर

शामगढ़-सुवासरा-परासली रोड पर रेलवे द्वारा टी-टाइप ओवरब्रिज का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके चलते शामगढ़-सुवासरा के...

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 02:25 AM IST
वैकल्पिक मार्ग पर तेज गति से निकलते हैं वाहन, हादसे का डर
शामगढ़-सुवासरा-परासली रोड पर रेलवे द्वारा टी-टाइप ओवरब्रिज का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके चलते शामगढ़-सुवासरा के लिए पास में वैकल्पिक मार्ग है जिससे वाहनाें का आवागमन हो रहा है। सिंगल लेन मार्ग होने के साथ कच्चा और ढलान लिए ऊंचा-नीचा है। इस पर तेज गति से चलने वाले भारी वाहनों के कारण हर दम हादसों को भय रहता है। इसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा मार्ग के दोनों तरफ तेज गति से चलने वाले वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि दो दिन पहले ट्रक की रफ्तार से बचने के चक्कर में बाइक चालक गिर गया।

गरोठ-मंदसौर और परासली से राजस्थान की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी यातायात रहता है। शामगढ़-परासली मार्ग पर रेलवे फाटक बार-बार बंद होने से अक्सर रोड पर जाम लग जाता है। इससे तीनों तरफ का यातायात प्रभावित होता है। इससे निजात दिलाने के लिए शामगढ़-सुवासरा व परासली रोड पर करीब 28 करोड़ रुपए की लागत से टी-टाइप (तीन तरफ रास्ता) वाला ओवरब्रिज निर्माणाधीन है। करीब तीन साल बाद अब जाकर कार्य ने गति पकड़ी लेकिन ब्रिज निर्माण के दौरान शामगढ़-सुवासरा वैकल्पिक मार्ग काफी संकरा है। हालांकि आसपास के कुछ अतिक्रमण आदि तोड़कर रास्ता चौड़ा करने के प्रयास तो किए लेकिन वैकल्पिक मार्ग पक्का नहीं बनाया। ऊंचा-नीचा मार्ग अौर गहरी ढलान लिए कच्चा मार्ग है। इससे दिनभर धूल उड़ती है और दूसरी तरफ ब्रिज निर्माण सामग्री पड़ी रहती है। बड़े और भारी वाहन तो पहले निकलने के चक्कर में तेज गति से वाहन निकालते हैं लेकिन छोटे वाहन चालक परेशान हाे रहे हैं। रहवासी प्रतापसिंह राजपूत ने बताया गुरुवार शाम को परासली क्षेत्र में रहने वाले बाइक सवार तूफानसिंह और उसका राजू बैरागी शामगढ़ से सुवासरा की तरफ जा रहे थे, तभी सामने से दो ट्रक व बस तेज गति से निकले उनसे बचने के चक्कर में ब्रिज निर्माण के लिए पानी निकासी के लिए पाइप बिछाए जा रहे हैं। उस तरफ बाइक सहित गिर गए, वह तो मिट्टी पर गिरे ताे ज्यादा नहीं लगी। 2-3 फीट दूरी पर गिरते तो वहा लोहे की चादर सहित पत्थर व निर्माण कार्य का अन्य सामान पड़ा था। यदि इन पर गिरते तो कुछ भी हो सकता था।

कच्चे वैकल्पिक सिंगल मार्ग पर तेज गति के साथ निकलते वाहन।

राजस्थान के डग व उज्जैन को जोड़ता है मार्ग

मंदसौर और गरोठ और परासली से राजस्थान के डग, उज्जैन को जोड़ने वाला मार्ग है। ऐसे में इस तीन तरफा मार्ग पर 10 हजार से ज्यादा हर प्रकार के वाहनों का आवागमन होता है। इनमें लाेडिंग-अनलोडिंग भारी वाहनों के साथ बसें, और सीमेंट जैसे भारी वाहन भी निकलते हैं। साथ ही हल्के कार-जीप, ट्रैक्टर-ट्राॅली सहित अन्य वाहन और बाइक का आवागमन होता हैं।

साइड पर कर्मचारी रहते हैं


स्टाॅपर लगाने की व्यवस्था करेंगे


धूल के गुबार में फंस जाते हैं छोटे वाहन

शामगढ़ रहवासी विजय मुजावदिया, श्यामदास बैरागी ने बताया भारी वाहन तेज गति से धूल के गुबार उड़ाते हुए चले जाते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी हल्के चार पहिया वाहन व बाइक चालकों को आती है। धूल के गुबार के कारण अक्सर आगे-पीछे का दिखाई नहीं देता है और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। यदि आप यहां खड़े रहे तो एक-दो छोटे हादसे रोज देखने को मिल जाएंगे।

स्टाॅपर लगाएं, तैनात रहें कर्मचारी या जवान

रितिक पटेल, श्याम पाटीदार, महेंद्रसिंह परासली ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग तो बना दिया। इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पक्का नहीं बनाए तो कम से कम सुविधाजनक सीधा मार्ग तो हो। मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की गति पर अंकुश लगाने के लिए स्टाॅपर लगाने चाहिए ताकि बड़े वाहन गति कम कर निकाले। निगरानी और हादसे न हो इसके लिए ठेकेदार को कर्मचारी या पुलिस जवान तैनात होना चाहिए।

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