• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Garoth
  • गांधीसागर में 8 तो गरोठ में 3 से साल से चौकी बंद, थाना 5 किमी दूर, नहीं हो पाती सुनवाई
--Advertisement--

गांधीसागर में 8 तो गरोठ में 3 से साल से चौकी बंद, थाना 5 किमी दूर, नहीं हो पाती सुनवाई

भास्कर संवाददाता | गरोठ/गांधीसागर क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा और जनसुविधा की दृष्टि से पुलिस चौकी...

Danik Bhaskar | Apr 19, 2018, 02:45 AM IST
भास्कर संवाददाता | गरोठ/गांधीसागर

क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा और जनसुविधा की दृष्टि से पुलिस चौकी तो खोली लेकिन अब कोई वीरान हैं तो कहीं अस्तित्व ही नहीं बचा है। ऐसे में क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। लोगों की भी फरियाद लेकर थानों तक जाना पड़ता है। हालात यह हैं कि गरोठ जैसे नगर में एकमात्र पुलिस चौकी नया बस स्टैंड पर थी, उसे भी बंद कर दिया। गांधीसागर नंबर-8 जैसे संवेदनशील क्षेत्र जहां बांध हैं। यहांं सर्वसुविधायुक्त चौकी थी जिसे लंबे समय तक चलने के बाद बंद कर दिया।

गांधीसागर में पुलिस थाना 3 नंबर क्षेत्र में है जबकि नंबर-8 यहां से 5 किमी दूर होकर लंबे क्षेत्र में फैला है। यहां ग्राम पंचायत कार्यालय, वन, मत्स्य, जल संसाधन विभाग सहित अन्य कार्यालय होने के साथ 6 हजार की आबादी है। 30 साल पहले यहा जल संसाधन विभाग के क्वार्टर में पुलिस चौकी स्थापित की थी। क्षेत्र के रहवासी पूरन माटा, हरीश बारवाल, शंकर चारण ने बताया गांधीसागर क्षेत्र के 3 व 8 नंबर सेक्टर में दूरी ज्यादा होने अौर रात-बिरात विवाद की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस चौकी के बाकी रूम में पुलिसकर्मी काे रहने की व्यवस्था की थी। लंबे समय तक जो भी पुलिसकर्मी तैनात रहता वह परिवार के साथ यहां रह सकता था। यहां सामान्य आवेदन लेने के साथ हर समय पुलिसकर्मी भी तैनात थे। धीरे-धीरे पुलिस विभाग ने यहां तैनाती कम कर दी और करीब 8 साल से तो कोई पुलिसकर्मी नहीं है।

संवेदनशील क्षेत्र, अधिकारियों को अवगत करवा चुके

गांधीसागर नंबर-8 स्थित पुलिस चौकी लंबे समय से बंद होने के कारण लोगों ने अतिक्रमण कर रखा।

ज्ञापन भी दे चुके पर ध्यान नहीं दिया


रहवासी और भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष पंकज श्रोत्रिय ने बताया पुलिस चौकी का आज भी भवन है, केवल मरम्मत हो जाए तो फिर से उपयोग में ले सकते हैं। लंबे समय से हम पुन: चौकी स्थापित करने के लिए आवाज उठा रहे हैं। गांधीसागर बांध यहां बना होने के साथ मछली ठेकेदार का कार्यालय, बंगाली कॉलोनी सहित अन्य रहवासी बस्तियां व कॉलोनियां हैं। यह संवेदनशील क्षेत्र होने के साथ यहां से अक्सर मछली की तस्करी होने के साथ आए दिन विवाद भी होते रहते हैं। बांध देखने वाले पर्यटकों का भी आना-जाना लगा रहता हैं। ऐसे में यहां पुलिस चौकी की अत्यंत आवश्यकता हैं। इसे लेकर रहवासी के साथ कई बार थाना प्रभारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं।

बैठक में मुद्दा उठाया


पुलिस बल की कमी बताकर बंद कर दी चौकी

नया बस स्टैंड बनने के साथ ही नगर परिषद ने एक दुकान पुलिस चौकी के लिए विभाग को दी थी। जहां लंबे समय चौकी स्थापित रही लेकिन तीन साल से पुलिस बल की कमी बताकर बंद कर दी गई। जबकि यहां बस स्टैंड और अन्य दुकानों के साथ देशी व अंग्रेजी शराब की दुकानें भी हैं। बस स्टैंड के बीच से ही होकर भारी वाहन भी निकलते हैं। ऐसे में अक्सर विवाद की स्थित बनी रहती है। शाम होते ही शराबियों को ठेरा जम जाता हैं। बसों को आगे-पीछे करने को लेकर भी कई बार विवाद की स्थिति बनती है। मंगलवार को डंपर व बाइक चालक के बीच टक्कर हो जाने से विवाद की स्थिति बन गई थी। ऐसे में यहां पुलिस चौकी की आवश्यकता हैं।

चर्चा चल रही, गश्त बढ़ाएंगे