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चिकनिया में दलितों के घर पर पत्थरबाजी मामले में दूर हो गए गिले-शिकवे, अब मिलकर रहेंगे सभी

गरोठ तहसील के ग्राम चिकनिया में अब दलितों और दबंगों के बीच विवाद नहीं होगा और अपनी समस्याएं ग्राम में ही मिल बैठकर...

Dainik Bhaskar

May 12, 2018, 03:25 AM IST
चिकनिया में दलितों के घर पर पत्थरबाजी मामले में दूर हो गए गिले-शिकवे, अब मिलकर रहेंगे सभी
गरोठ तहसील के ग्राम चिकनिया में अब दलितों और दबंगों के बीच विवाद नहीं होगा और अपनी समस्याएं ग्राम में ही मिल बैठकर पहले की तरह सुलझाएंगे। एक दिन पहले तक ग्राम चिकनिया में मेघवाल समाज और सौंधिया राजपूत समाज के लाेगों के बीच तनातनी का माहौल था। लेकिन शुक्रवार शाम को गरोठ एसडीआेपी भवरसिंह सिसौदिया व गरोठ थाना प्रभारी केएस मंडलोई की उपस्थिति में ग्राम के दोनों पक्षों के बीच करीब डेढ़ घंटे चर्चा हुई और उसके सुखद परिणाम निकले। तो दोनों पक्ष पुरानी बातों को भुलकर एक साथ गांव के लिए रवाना हुआ।

नगर के करीब 10 किमी दूर ग्राम चिकनिया में मेघवाल व सौंधिया राजपूत समाज सहित अन्य समाज के लोग रहते हैं। सालों से सभी के बीच भाईचारा होकर एक-दूसरे के दर्द और खुशी में शामिल होते आए। करीब 15 दिन से दोनों पक्षों के बीच किसी न किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था। इस बीच पिछले दिनों रामचंद्र मेघवाल की लड़की शादी के दौरान आई बारात की बिंदोली रोकने को लेकर विवाद बढ़ गया और पुलिस को मौके पर जाना पड़ा था। पुलिस ने कुछ लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जेल भी भेज। दो दिन पहले फिर से दलित के घरों पर पत्थर फेंकने की बात सामने आई। इससे गांव में फिर तनाव बढ़ गया। दलित समाज के लोगों ने गरोठ थाना पहुंच शिकायत दर्ज करवाई। पहले से गांव व प्रकरण पर नजर रखे हुए एसडीआेपी भंवरसिंह सिसौदिया ने अपने वरिष्ठों से मार्ग दर्शन लेकर गांव में शांति बहाली के प्रयास को तेज किया। गुरुवार से ही ग्राम के बुजुर्गों और अन्य लोगों से चर्चा कर गांव में शांति बनाए रखने की अपील की और चर्चा के लिए गरोठ बुलाया।

शुक्रवार शाम को 6 बजे एसडीओपी के कार्यालय पर मेघवाल और सौंधिया राजपूत सहित सभी समाजजन उपस्थित हुए। एसडीओपी भंवरसिंह सिसौदिया व गरोठ थाना प्रभारी केएस मंडलोई ने करीब डेढ़ घंटे तक दोनों पक्षों की बात सुनी। इस दौरान सभी ने अपने मन की बात कही। खास बात यह रही कि चर्चा के दौरान दोनाें पक्षों ने एक दूसरे द्वारा समय-समय पर की जाने वाली मदद को खुलकर सुनाया। यही नहीं जाे हरकतें एक-दूसरे पक्ष की तरफ से हो रही थी, उसे भी बताया और समाधान निकाला। कन्हैयालाल मेघवाल ने कहा बिना एक-दूसरे की मदद के हम रह नहीं सकते। हमारे घर की नई बहु को हम विश्वास के साथ इनके खेतों पर काम करने भेजते हैं। लेकिन आज तक कोई शिकायत नहीं मिली। मेघवाल समाज का डाक्टर बहन-बेटियों अौर बहुअों को इलाज करता हैं। यह सब विश्वास के साथ हो रहा था।

गलतफहमी हुई, बिंदौली रोकने नहीं मामेरा ले जाने खड़े थे

एसडीआेपी कार्यालय परिसर में एसडीआेपी, गरोठ टीअाई की उपस्थित में चर्चा करते चिकनिया के ग्रामीणजन।

यह हुआ निर्णय
चर्चा के दाैरान यह बात भी सामने आई कि रामचंद्र मेघवाल की लड़की की शादी के दिन सौंधिया राजपूत समाज के लोग मामेरा ले जाने के लिए एकत्र हुए थे। इसके पहले जिस रास्ते से बिंदोली जाने वाली थी वहां किसी ने शराब पीकर बाटले फोड़कर फेंक दी। इसी बीच किसी ने एसडीएम व पुलिस को फोन लगा दिया की बिंदोली रोकी जा रही हैं। ग्राम के उपसरपंच श्यामसिंह चौहान ने मेघवाल समाज की जिस लड़की की शादी थी उसकी मां से उसने राखी बंधवा रखी है। श्यामसिंह बहन के यहां मामेरा लेकर जाने के लिए समाजजनों के साथ खड़ा था।

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