• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Garoth
  • आजादी के बाद पहली बार ढलमू मगरा में बनी 5 किमी लंबी पक्की सड़क, मुख्य मार्ग से जुड़ा
--Advertisement--

आजादी के बाद पहली बार ढलमू मगरा में बनी 5 किमी लंबी पक्की सड़क, मुख्य मार्ग से जुड़ा

Dainik Bhaskar

Apr 23, 2018, 04:00 AM IST

Garoth News - ग्राम पंचायत ढलमू के ग्राम मगरा ढलमू में आजादी के 71 साल बाद पहली बार बुजुर्गों ने पक्की सड़क देखी। सालों से कच्चा और...

आजादी के बाद पहली बार ढलमू मगरा में बनी 5 किमी लंबी पक्की सड़क, मुख्य मार्ग से जुड़ा
ग्राम पंचायत ढलमू के ग्राम मगरा ढलमू में आजादी के 71 साल बाद पहली बार बुजुर्गों ने पक्की सड़क देखी। सालों से कच्चा और कीचड़ वाला मार्ग था। देथली बुजुर्ग से ढलमू तक करीब 5 किमी लंबी सड़क का निर्माण मगरा से होने पर ग्रामीणाें की किस्मत चमक गई। अब ग्रामीणों को चंबल नदी के बैकवॉटर क्षेत्र पर ब्रिज का इंतजार है।

मगरा ढलमू की आबादी करीब 900 है। ग्राम के 75 वर्षीय चेतनदास बैरागी बताते हैं कि आजादी के समय ग्राम की आबादी करीब 100 थी। बचपन से लेकर अब तक कीचड़भरी सड़क पर ही बीता। जनसंघ के चुनाव में विमलकुमार चौरड़िया ने चुनाव लड़ा तब से ग्राम के लोग जनसंघ से जुड़े और आज भी अधिकतर गांववाले भाजपा के साथ हैं। इस बीच किसी भी जनप्रतिनिधि ने गांव में सड़क नहीं बनाई, सालों से सड़क निर्माण की मांग करते रहे। पिछले साल तक कीचड़ में से होकर निकलने के लिए मजबूर थे। क्षेत्र के जिला पंचायत प्रतिनिधि रंजना पंडा ने चुनाव के दौरान सड़क बनाने का वादा किया था। उस समय उन पर विश्वास नहीं था। सड़क बन गई, ब्रिज निर्माण बाकी है। पूर्ण हो जाए तो पंचायत कार्यालय जाने के लिए बारिश में लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। ग्राम के ही 70 वर्षीय जानकीलाल शर्मा बताते है, मगरा में ब्राह्मण, बैरागी, विश्वकर्मा, पाटीदार, गुर्जर, खारोल आदि जाति के लोग निवासरत हैं। गांधीसागर बांध बना तो चंबल का बैकवाटर गांव तक आ गया। बारिश में उस पार जाना मुश्किल हो जाता आैर दूसरी तरफ देथली बुजुर्ग तक कच्चा रोड था। आजादी के इतने साल बाद भी एेसा लगता था कि गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं। पिछले वर्ष जब सड़क स्वीकृत हुई तो लगा अच्छे दिन अाएंगे।

लसुड़िया से मोलाखेड़ी बुजुर्ग मार्ग निर्माण प्रगति पर, 20 से ज्यादा गांव की दूरी शामगढ़ से 9 किमी होगी कम

ढलमू की सीमा और चचावदा फंटा बालाजी मंदिर। यहां से एक रास्ता खेरखेड़ा, लसुडिया होकर साठखेड़ा से शामगढ़ की तरफ जाता है। फोटो | भास्कर

दो सड़क, 20 गांव के 28 हजार ग्रामीणों को सुविधा

ढलमू मगरा में आजादी के बाद पहली बार बने पक्के सीसी रोड पर खड़े ग्राम के बच्चे और बुजुर्ग।

शंखोद्वार मेले के हजारों श्रद्धालुओं को राहत

लसुड़िया से मोलाखेड़ी बुजुर्ग के बीच पक्की सड़क बनने से शंखोद्वार वार्षिक मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। मेला मोला खेड़ी बुजुर्ग में लगता है, जिसमें दूर-दूर से 70 से 80 हजार लोग पितरों के तर्पण के लिए आते हैं। उन्हें अब पक्का रास्ता मिलेगा।

देथली बुजुर्ग - मगरा-ढलमू और लसुड़िया-खेरखेड़ा-मोलाखेड़ी बुजुर्ग की सड़कें बनने से इन 6 गांव और चचावदा पठारी, साडिया, चाेपटिया सहित आसपास के करीब 20 गांवों के 28 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को सुविधा होगी। लसुड़िया मार्ग बनने के बाद यह सभी गांव चचावदा फंटा से खेरखेड़ा व लसुड़िया होकर सीधे साठखेड़ा और मेलखेड़ा व शामगढ़ की तरफ जा सकेंगे। इससे करीब 9 किमी का रास्ता कम होगा। वर्तमान में करीब 20 किमी दूरी तय करना पड़ती है।

एक सड़क से तीन गांव को राहत

पीडब्ल्यूडी द्वारा देथली बुजुर्ग से मगरा ढलमू होकर ग्राम पंचायत ढलमू तक करीब 5 किमी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ढलमू में चचावदा फंटा बालाजी मंदिर से यह मार्ग जुड़ जाएगा। मार्ग में ग्राम देथली बुजुर्ग, मगरा व ढलमू के रहवासी क्षेत्र में टू-लेन सीसी सड़क बनाई गई, बाकी डामरीकृत सड़क है। करीब 7 करोड़ से बन रही सड़क में एक ब्रिज का निर्माण भी होना है। यह ब्रिज मगरा व ढलमू के बीच सेतु निगम बनाएगा।

दो छोटी पाइप पुलिया भी बनाई जा रही- चचावदा फंटा से साठखेड़ा की तरफ जा रहे मार्ग पर 3 करोड़ 64 लाख रुपए से 3.60 किमी लंबी सड़क का निर्माण प्रगति पर है। यह मार्ग निर्माण होने से इन तीन गांवों को तो पक्का मार्ग मिलेगा। इस मार्ग पर बीच में दो स्थानों पर छोटी पाइप पुलिया का निर्माण भी हो रहा हैं।

बाकी कार्य भी समय पर होगा


निर्माण कार्य प्रगति पर है


X
आजादी के बाद पहली बार ढलमू मगरा में बनी 5 किमी लंबी पक्की सड़क, मुख्य मार्ग से जुड़ा
Astrology

Recommended

Click to listen..