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भाई, बहन, पुत्र व 3 साथियों के साथ ट्रेनों में चोरी करती थी गैंगस्टर संगीता

गरोठ-शामगढ़ रेलवे ट्रैक के नजदीक मृत मिली गैंगस्टर संगीता अग्रवाल के मामले में बड़ा हुआ है। संगीता अपने भाई, बहन,...

Danik Bhaskar | Apr 09, 2018, 04:10 AM IST
गरोठ-शामगढ़ रेलवे ट्रैक के नजदीक मृत मिली गैंगस्टर संगीता अग्रवाल के मामले में बड़ा हुआ है। संगीता अपने भाई, बहन, पुत्र व तीन साथियों के साथ प्रीमियम व राजधानी ट्रेनों में चोरी करती थी। संगठित अपराधों की लंबी सूची होेने के कारण इस गिरोह पर उत्तरप्रदेश में गैंगस्टर एक्ट लगा था। इसका सरगना कौन है, यह तो खुलासा अभी नहीं हुआ है लेकिन संगीता की भूमिका काफी महत्वपूर्ण थी। पुलिस ने गरोठ में पदस्थ रेलवे के दो गैंगमैनों को भी गिरफ्तार किया है। इन पर मृतका के पर्स से ट्रेनों में चुराए गए आभूषण व रुपए चुराने का आरोप है। दोनों की निशानदेही पर जमीन में गड़ा चोरी का माल भी बरामद किया है।

रविवार को गरोठ थाना स्थित अपने कार्यालय में एएसपी डाॅ. इंद्रजीत बाकरवाल ने यह खुलासा किया। बताया 27 मार्च काे राजधानी ट्रेन में दिल्ली निवासी अमृतासिंह ने जेवर व नकदी से भरा पर्स चोरी होने की नागदा जीआरपी को प्राथमिक सूचना दी थी। उन्होंने दिल्ली में चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसी बीच गरोठ से शामगढ़ की तरफ ढाई किमी दूर रेलवे ट्रैक पर एक महिला का शव मिला। जांच में पता चला महिला का नाम संगीता अग्रवाल है। वह साथियों के साथ प्रीमियम ट्रेनों में चोरि करती थी। अमृता के जेवर भी चुराए थे।

सभी उप्र के हिस्ट्रीशीटर- गैंगस्टर मृतका संगीता पति संजीव कुमार अग्रवाल (47) निवासी कटवापुरा जिला मऊ उप्र की गैंग में रिश्तेदार सहित अन्य लोग भी शामिल थे। इनमें पुत्र किशनलाल (28), भाई राजेश अग्रवाल, बहन सरिता अग्रवाल निवासी सूरत (गुजरात) के अलावा बाबाडोम, मुसीर अहमद व देवानंद शाह के नाम सामने आए हैं। अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इन पर विभिन्न ट्रेनों में चोरी के अपराध गोरखपुरा, बाराबंकी, झांसी, दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर पंजीबद्ध हैं।

गैंगमैन ने रेलवे बोर्ड तक की शिकायत- दोनों गैंगमैन पहले कुछ भी बताने को तैयार नहीं थे। बचने के लिए दोनों ने गरोठ पुलिस, जीआरपी व अारपीएफ (शामगढ़) के जांचकर्ताओं के खिलाफ रेलवे बोर्ड, कर्मचारी यूनियन तक शिकायत की।

रेलवे से जुड़े हैं गैंग के सूत्र- गिराेह में रेलवे से जुड़े ट्रैवल एजेंट, स्टेशन पर काम करने वाले वेंडर, आरपीएफ, जीआरपी सहित रेलवे के कुछ कर्मचारी भी शामिल थे। गिरोह इन्हीं से शिकार की जानकारी जुटाता था। कई बार चोरी के तत्काल बाद माल इन्हीं के माध्यम से इधर-उधर करते थे। पुलिस काे अब रेलवे से जुड़े ऐसे ही लाेगों की तलाश है।

पर्स मंें एक भी रुपया नहीं मिला तो शक हुआ

एसडीओपी भंवरसिंह सिसौदिया ने बताया संगीता के शव से 10 मीटर दूर उसका पर्स मिला था। उसमें आधार कार्ड, एटीएम सहित अन्य कार्ड तो मिले लेकिन नकदी के नाम पर एक रुपया भी नहीं मिला। इससे ट्रैक के पास सबसे पहले शव देखने और अधिकारियों को सूचना देने वाले गरोठ के गैंगमैन पर शक हुआ। गैंगमैन मैनानाथ बैरागी (58) निवासी कामला थाना देवगढ़ मेडारी जिला राजसमंद (राजस्थान) और रणधीर पासवान (28) निवासी दरियापुरा थाना चंडी जिला नालंदा (बिहार) दोनों हालमुकाम रेलवे कॉलोनी गरोठ ने अपराध कबूल किया। दोनों के कब्जे से साेने के 2 कड़े, सोने की 7 अंगूठी, एक चेन, एक ब्रेसलेट, 2 टाॅप्स, एक मंगलसूत्र, एक लटकन, एक लाॅकेट और एक पर्स व 8 हजार रुपए बरामद किए।

जेवरात-नकदी चुराने वाले मैनानाथ बैरागी और रणधीर पासवान।