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विशेष संवाददाता | भोपाल

विशेष संवाददाता | भोपाल वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा है कि 15 सालों में प्रदेश का कर राजस्व 8 गुना बढ़ा है। इस...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:35 AM IST
विशेष संवाददाता | भोपाल

वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा है कि 15 सालों में प्रदेश का कर राजस्व 8 गुना बढ़ा है। इस दौरान राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) की तुलना में राजकोषीय घाटा 7.12 फीसदी से घटकर 3.24 फीसदी रह गया। मलैया बजट पेश करने के बाद भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभिन्न आर्थिक मानकों में हुई तरक्की की तस्वीर पेश कर रहे थे। मलैया ने कहा कि मप्र औद्योगिक क्षेत्र से एक पिछड़ा राज्य है। यहां पेट्रोल-डीजल से मिलने वाला राजस्व आय एक प्रमुख स्रोत है। अन्य स्रोतों से ज्यादा अाय नहीं होती। फिर भी राज्य सरकार ने पिछले दिनों पेट्रोल-डीजल दोनों पर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) घटाया था। इससे राज्य सरकार को कर राजस्व में करीब 2,000 करोड़ रुपए की हानि हुई। इसके बाद भी अधिकांश आर्थिक संकेतक सकारात्मक है। कुल राजस्व प्राप्तियों से ब्याज भुगतान का प्रतिशत महज 8.2 है। इसके मायने यह हैं कि राज्य सरकार अपनी उधारी का दायरा बढ़ा सकती है। 2003-04 में यह 22.44 फीसदी था। इसके साथ ही कुल जीएसडीपी की तुलना में कर्ज 22.71 फीसदी ही। यह 2003-04 में 33.71 फीसदी ही रहा था। मलैया ने कहा कि राज्य का जीएसडीपी 15 सालों में आठ गुना हो गया है। यह कांग्रेस के शासन के दौरान 1,02,839 करोड़ था, अब यह बढ़कर 8,26,106 करोड़ हो गया है।