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कोलार डैम...

पिछले साल से 6 मीटर नीचे है जलस्तर मार्च के पहले ही दिन कोलार डैम की ये तस्वीर परेशान करने वाली है। वाटर लेवल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 02:55 AM IST

कोलार डैम...
पिछले साल से 6 मीटर नीचे है जलस्तर

मार्च के पहले ही दिन कोलार डैम की ये तस्वीर परेशान करने वाली है। वाटर लेवल फुल टैंक से करीब 18 मीटर नीचे (444.87 मी.) आ गया है, जो पिछले साल से 6 मी. कम है। इसके पीछे एक वजह मानसून में 30 फीसदी कम बारिश होना तो है ही, दूसरी अहम वजह इस बार धूप की तीव्रता ज्यादा होना भी है। इसकी वजह से वाष्पीकरण भी तीन गुना तेजी से हो रहा है। गुरुवार को भी दिन का पारा सामान्य से छह डिग्री ज्यादा (35.7 डिग्री) रहा। जानकार बताते हैं कि फरवरी में कभी भी डैम का इतना पानी भाप बनकर नहीं उड़ा, जितना इस बार। पिछले एक माह में डैम से 150 सेमी पानी भाप बनकर उड़ा जो कि सामान्य से तीन गुना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभों की संख्या कम होने से ठंड कम पड़ी और धूप की तीव्रता भी ज्यादा हो रही है।

462.40

1 मार्च को डैम का लेवल

इस बार तपिश ज्यादा, तीन गुना तेजी से भाप बनकर उड़ रहा पानी

मीटर फुल टैंक लेवल

442.60 मी.

वर्ष

440.00

446.78मी.

445.7मी.

2009

2010

मीटर डेड स्टोरेज लेवल है कोलार डैम का

444.64मी.

2011

2012

452.34मी.

448.53मी.

2013

443.75मी.

2014

524

450.78मी.

442.79मी.

2015

2016

वर्ग किमी है कैचमेंट एरिया

444.87मी.

2017

2018

60 फीसदी आबादी को सप्लाई

कोलार डैम से शहर की 60 फीसदी आबादी को पानी सप्लाई होता है। यदि मानसून ने देर से दस्तक दी तो तीन दिन में एक बार सप्लाई की स्थिति बन सकती है।

अप्रैल-मई के 21 दिन में होता है ऐसा वाष्पीकरण जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एसके सक्सेना का कहना है कि इस बार तापमान सामान्य से अधिक होने से तपिश ज्यादा है। ऐसा वाष्पीकरण अप्रैल मध्य से मई के पहले हफ्ते के 21 दिन में होता था।

शुक्रवार, 02 मार्च, 2018 |

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Web Title: कोलार डैम...
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