Hindi News »Madhya Pradesh »Guna» आमदनी का 82% वेतन, पेंशन और ब्याज चुकाने पर होगा खर्च

आमदनी का 82% वेतन, पेंशन और ब्याज चुकाने पर होगा खर्च

मनीष दीक्षित | भोपाल मध्य प्रदेश को विकास के लिए अब केंद्र सरकार का ही सहारा है। क्योंकि राज्य सरकार की आमदनी का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 02:55 AM IST

आमदनी का 82% वेतन, पेंशन और ब्याज चुकाने पर होगा खर्च
मनीष दीक्षित | भोपाल

मध्य प्रदेश को विकास के लिए अब केंद्र सरकार का ही सहारा है। क्योंकि राज्य सरकार की आमदनी का 82 प्रतिशत अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और ब्याज चुकाने पर खर्च हो जाएगा।

वित्त मंत्री जयंत मलैया द्वारा पेश किए गए वर्ष 2018-2019 के बजट के आंकड़े बताते हैं कि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी व अनुदान का सहारा राज्य की अर्थव्यवस्था को नहीं होता तो राज्य सरकार के सामने अपनी ही घोषणाओं को पूरा करने में समस्या खड़ी हो जाती। क्योंकि सरकार पर वेतन, पेंशन के साथ ही ब्याज चुकाने का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि आय के साधन सीमित हैं। शेष | पेज 4 पर





राज्य की वित्तीय स्थिति तब है, जब चुनावी साल होने के कारण सरकार के सामने प्रदेश की जनता को साधे रखने की चुनौती है और लोगों से सरकार से अपेक्षाएं अधिक है।



पेट्रोल-डीजल पर वैट कम नहीं किए

अंतिम बजट पेश करते समय वित्त मंत्री जयंत मलैया प्रदेश की जनता बड़ी उम्मीद पर खरे नहीं उतरे, क्योंकि पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले वेट को कम करने में उनकी कोई रुचि नहीं दिखाई दी। जबकि प्रदेश की जनता को उनसे इस मद में राहत की बड़ी उम्मीद थी। राज्य का बजट 2 लाख करोड़ से ऊपर पहुंचने के बाद भी वित्तीय संसाधनों की कमी है और इसके लिए केंद्र सरकार पर निर्भरता और बढ़ गई है

बजटीय आवंटन पर केंद्रीय है लक्ष्य

वित्त ने इस बजट में विभागों के लिए समुचित राशि का प्रावधान तो है, लेकिन इसका हाल की परिस्थितियों के लिहाज से विश्लेषण किया जाए तो यह साफ दिखाई देता है कि वित्त मंत्री ने एक बार फिर बजटीय आवंटन पर ही लक्ष्य केंद्रित किया। इसकी उपयोगिता सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने ध्यान नहीं दिया, जो आज की परिस्थितियों में अधिक उपयोगी है। अन्यथा वृद्धिगत बजट आवंटन से भ्रष्टाचारियों को ही अधिक लाभ होगा।

केंद्रीय करों में हिस्सेदारी व अनुदान न मिले तो घोषणाएं पूरी करने में आएगी समस्याएं

एेसे समझें बजट का गणित

चनाव की चिंता : राजस्व व्यय पूंजीगत व्यय से पांच गुना ज्यादा

बजट के मुताबिक अगले वित्तीय वर्ष में राज्य का राजस्व मद 1. 55 लाख करोड़ तथा पूंजीगत व्यय मात्र 31,061 करोड़ होगा। चूंकि यह चुनावी बजट है, इसलिए सरकार ने सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए भी इसमें सवा लाख करोड़ का प्रावधान किया है। अगर राज्य सरकार के पास केंद्र के सहायक अनुदान और केंद्रीय करों में प्रदेश के हिस्से का सहारा नहीं होता तो विकास के कार्यों में अड़चन आ सकती थी। हालांकि जीएसटी लागू होने के बाद केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी 2017-18 के 50295 करोड़ से बढ़कर अगले वित्तीय वर्ष में 54655 करोड़ होने की उम्मीद है। इसी प्रकार केंद्रीय अनुदान भी 26034 करोड़ से बढ़कर 30807 करोड़ होगा।

उम्मीद

वर्ष 2018-2019 में राज्य करों से प्राप्तियां 54655 करोड़ और कर भिन्न राजस्व 10933 करोड़ मिलेगा।

आशय

बजट के आंकड़ों के मुताबिक राज्य सरकार के खजाने में अपने संसाधनों से 65,589 करोड़ आएंगे।

खर्च

इसमें से 40,727 करोड़ वेतन एवं पेंशन, 12,867 करोड़ ब्याज भुगतान पर खर्च होगा ।

परिणाम

यह पूरा खर्च निकालने के बाद खजाने में बचेंगे मात्र 11995 करोड़ रुपए।

प्राथमिकता विकास नहीं

बजट में पूंजीगत व्यय के लिए कम राशि का प्रावधान संकेत है कि सरकार की प्राथमिकता विकास नहीं बल्कि विभिन्न वर्गों को खुश करना है - आरएस तिवारी, आर्थिक विश्लेषक

मायने

यानी अपने राजस्व का 82 फीसदी केवल वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान पर खर्च होगा।

जनता में निराशा

सरकार का एकमात्र लक्ष्य ‘चुनाव जीतना’

विशेषज्ञों के अनुसार यह चुनावी बजट है। इसका एकमात्र फोकस चुनाव जीतना ही नजर आता है। हालांकि सरकार ने राजकोषीय घाटे को राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के निर्धारित मानदंडों तक सीमित रखा है। उसे ओवरड्राफ्ट की स्थिति का समाना भी नहीं करना पड़ा। राज्य की विकास दर भी राष्ट्रीय औसत से अधिक होना सुखद है, परंतु इस वृद्धि में प्राथमिक क्षेत्र की हिस्सेदारी अधिक होना यह बताता है कि तमाम प्रयासों के बावजूद उद्योग और सेवा क्षेत्र में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Guna News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: आमदनी का 82% वेतन, पेंशन और ब्याज चुकाने पर होगा खर्च
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Guna

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×